East Singhbhum News : मुसाबनी ताम्र उद्योग के लिए नयी संभावनाओं का साल होगा 2026

राखा व केंदाडीह माइंस में होगा उत्पादन

मुसाबनी. पिछले ढाई दशक से बदहाल मुसाबनी प्रखंड के खनन उद्योग के लिए नया साल संभावना का होगा. संभवत: 2026 में राखा व केंदाडीह माइंस में उत्पादन प्रारंभ होगा. वहीं, प्रस्तावित चापड़ी माइंस चालू करने की प्रक्रिया शुरू होगी. सुरदा माइंस के विकास के लिए महत्वपूर्ण सुरदा फेस टू के बंद पड़े शाफ्ट निर्माण का कार्य फिर से चालू होने की संभावना है. इसके साथ राखा, चापड़ी खदान से उत्पादित अयस्क की पिसाई के लिए रुआम मौजा में नया कंसंट्रेटर संयंत्र की स्थापना होगी. मुसाबनी कंसंट्रेटर संयंत्र से निकलने वाले टेलिंग से यूरेनियम की प्राप्ति के लिए यूसीआइएल का यूरेनियम रिकवरी प्लांट के निर्माण की पहल शुरू होने की उम्मीद है.

मुसाबनी की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नयी दिशा:

2001 से बंद राखा कॉपर खदान में पानी निकासी का कार्य पूरा कर ठेका कंपनी साउथवेस्ट माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड उत्पादन शुरू करेगी. इसके साथ ठेका कंपनी चापड़ी माइंस खोलने व मैचिंग कैपेसिटी का कंसंट्रेटर संयंत्र की स्थापना का कार्य शुरू किया जायेगा. इस पर करीब 2600 करोड़ रुपये का निवेश होगा. राखा माइंस व चापड़ी माइंस से सालाना 15-15 लाख टन अयस्क का उत्पादन होगा. माइंस खुलने से व नये चापड़ी माइंस के विकास व रुआम में नये कंसंट्रेटर संयंत्र के निर्माण से क्षेत्र में रोजगार के नये अवसर का सृजन होगा. अर्थव्यवस्था को एक नयी दिशा मिलेगी. मजदूरों के पलायन पर भी अंकुश लगेगा.

धोबनी, किशनगढ़िया व पाथरगोड़ा माइंस खुलने की आस:

नये साल में बंद धोबनी माइंस, किसनगढ़िया व पाथरगोड़ा माइंस को खोलने के लिए एचसीएल की पहल को नयी दिशा मिलने की उम्मीद है. देश की अर्थव्यवस्था में तेजी व तांबे की बढ़ती मांग तथा अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तांबे के मूल्य में उछाल के कारण सिंहभूम ताम्रपट्टी में खनन उद्योग को फिर से चालू करने की उम्मीद जगी है. देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते बाजार के कारण तांबा की मांग में जबरदस्त वृद्धि हो रही है. मुसाबनी के बानालोपा मौजा में यूसीआइएल की बंद यूरेनियम रिकवरी प्लांट को फिर से स्थापित करने का काम शुरू होने की उम्मीद है.

केंदाडीह व सुरदा खदान खोलेंगी नयी संभावनाएं

जून 2023 से बंद केंदाडीह खदान के संचालन का ठेका खेतान माइनिंग कंपनी शुरू करेगी. केंदाडीह माइंस से सालाना 2.25 लाख टन अयस्क उत्पादन होगा. इसके साथ सुरदा माइंस की वर्तमान उत्पादन क्षमता 4 लाख टन को बढ़ाकर 9 लाख टन वार्षिक करने की महत्वाकांक्षी परियोजना सुरदा फेस टू के तहत बंद पड़े सोहदा शाफ्ट निर्माण का कार्य भी ठेका कंपनी श्रीराम ईपीसी एवं एचसीएल के बीच जारी गतिरोध के जल्द समाधान होने की उम्मीद है. इसके बाद नये वर्ष में फिर से शाफ्ट निर्माण का कार्य शुरू होगा. सुरदा खदान में माइनिंग डेवलपमेंट 12 वें लेवल से 18वें लेवल तक लोगों को रोजगार मिलेगा.

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Published by: Atul pathak

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