East Singhbhum News : धोबनी, किसनीगाड़िया और पाथरगोड़ा कॉपर खदानों को फिर से खोलने की कवायद तेज

मुसाबनी : सांसद विद्युत वरण महतो ने केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र

मुसाबनी. सांसद विद्युत वरण महतो ने प्रधानमंत्री कार्यालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष विभाग भारत सरकार को पत्र लिखकर मुसाबनी प्रखंड स्थित धोबनी, किसनीगाड़िया और पाथरगोड़ा कॉपर खदानों के पुनः संचालन के लिए खनन क्षेत्र के आरक्षण की मांग की है. एचसीएल द्वारा इस संबंध में राज्य सरकार को लगातार स्मार पत्र भेजे जाते रहे हैं. हाल ही में 4 अगस्त 2025 को एचसीएल ने धोबनी एवं पाथरगोड़ा में 734.131 हेक्टेयर, नंदुप रामचंद्र पहाड़ में 980.742 हेक्टेयर तथा धातकीडीह-तिरिलडीह में 645.941 हेक्टेयर ताम्र ब्लॉक के आरक्षण के लिए आवश्यक दस्तावेज एवं मानचित्र प्रस्तुत किए थे. हालांकि, झारखंड सरकार के खनन निदेशक ने 21 अगस्त 2025 को सूचित किया कि परमाणु खनिज निदेशालय (एएमडी) के निर्देशानुसार ये ब्लॉक यूरेनियम संभावित क्षेत्र में आते हैं. इस कारण से इनकी नीलामी या खनन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ायी जा रही है. सांसद ने पत्र में कहा कि इस स्थिति से क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों का विकास बाधित हो रहा है. रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. पूर्व में इन खदानों से हजारों परिवारों का जीवन-यापन होता था. वर्ष 2000 में लंदन मेटल एक्सचेंज (एलएमइ) के मूल्य में गिरावट के कारण एचसीएल ने धोबनी, किसनीगाड़िया और पाथरगोड़ा खदानों को बंद कर दिया था. सांसद ने कहा कि इन खदानों में यूरेनियम की मात्रा अत्यल्प है और यहां यूरेनियम खनन यूसीआइएल द्वारा संचालित करना व्यावहारिक नहीं होगा. किंतु यदि एचसीएल खदानों को पुनः चालू करती है तो उत्पादित टेलिंग से उपलब्ध यूरेनियम की रिकवरी की जा सकती है. इसके लिए यूसीआइएल पहले से ही यूरेनियम रिकवरी प्लांट लगाने का प्रस्ताव रख चुका है. सांसद ने मंत्री से आग्रह किया है कि परमाणु ऊर्जा विभाग एवं संबंधित प्राधिकरणों के साथ प्राथमिकता से समन्वय स्थापित कर तकनीकी समाधान निकालते हुए कॉपर ब्लॉक के खनन की अनुमति दी जा सके.

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Author: ATUL PATHAK

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