घाटशिला. सोना देवी विश्वविद्यालय के विवेकानंद ऑडिटोरियम में शुक्रवार से दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का शुभारंभ हुआ. इसका विषय विकसित भारत 2047 रहा. सेमिनार में मुख्य अतिथि कुणाल षाड़ंगी व मुख्य वक्ता कोऑपरेटिव कॉलेज जमशेदपुर के प्राचार्य प्रो डॉ अमर सिंह, कुलपति डॉ जेपी मिश्रा, कुलाधिपति प्रभाकर सिंह आदि शामिल हुए. मुख्य अतिथि कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि सामूहिक प्रयास से ही विकसित भारत 2047 का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है. उन्होंने इंडिविजुअल सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी, समय प्रबंधन और लैंगिक समानता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि अब विकास का पैमाना बिजली, पानी और सड़क से आगे बढ़कर डिजिटल व वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर केंद्रित होना चाहिए.
जितनी खोज करेंगे, उतना आगे बढ़ेंगे : डॉ जेपी मिश्रा
कुलपति डॉ जेपी मिश्रा ने शोध और खोज की महत्ता पर बल दिया. कहा कि जितनी खोज करेंगे, उतना आगे बढ़ेंगे. उन्होंने दिशोम गुरु शिबू सोरेन और स्व रामदास सोरेन के योगदान को याद किया. मुख्य वक्ता डॉ अमर सिंह ने राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों के संदर्भ में विकसित भारत 2047 के लक्ष्यों की चर्चा की. आर्थिक, सामाजिक और स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने की आवश्यकता बतायी.
विकास का लक्ष्य सर्वसमावेशी होना चाहिए : प्रभाकर सिंह
कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने कहा कि विकास का लक्ष्य सर्वसमावेशी होना चाहिए. उन्होंने मेड इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया को बढ़ावा देने, आधुनिक संरचना और स्वदेशी को अपनाने पर बल दिया. कहा कि पहले हमें अपने परिवार को विकसित बनाना होगा, तब जाकर समाज, राज्य और राष्ट्र का विकास होगा. सेमिनार में दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज के प्रो डॉ चन्द्रचुड़ सिंह ने ऑनलाइन व्याख्यान दिया. इस अवसर पर 25 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किये गये.
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