प्रतिनिधि, घाटशिला घाटशिला प्रखंड के हेंदलजुड़ी गांव की 14 वर्षीय किरण हांसदा की झाड़ग्राम मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान हुई मौत के मामले की स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है. अनुमंडल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ आरएन सोरेन ने मंगलवार को स्वास्थ्य टीम के साथ गांव पहुंचकर परिजनों से घटना की जानकारी ली और पूरे मामले की पड़ताल की. डॉ सोरेन ने बताया कि मेडिकल कॉलेज की मृत्यु रिपोर्ट में मौत का कारण फैल्सीपेरम मलेरिया एवं सेप्सिस बताया गया है. हालांकि, वास्तविक कारण की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. कहा कि यह भी संभव है कि किसी गंभीर संक्रमण के कारण स्थिति बिगड़ी हो. बताया कि घाटशिला प्रखंड में अब तक 140 से 145 फैल्सीपेरम मलेरिया के मरीज मिले हैं, लेकिन सभी का समय पर उपचार कर स्वस्थ किया गया है. प्राथमिक जानकारी के अनुसार, किरण हांसदा 4 जुलाई को धालभूमगढ़ के जगन्नाथपुर स्थित अपने रिश्तेदार के घर गयी थी. 11 जुलाई को उसकी तबीयत बिगड़ने पर स्थानीय स्तर पर दवा ली गयी. 12 जुलाई को गंभीर हालत में उसे गांव लाया गया, जबकि 13 जुलाई को पहले झाड़-फूंक और अन्य उपचार का प्रयास किया गया. बाद में स्वर्णरेखा नर्सिंग होम ले जाया गया और हालत गंभीर होने पर झाड़ग्राम मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गयी. जांच दल में डॉ देवाशीष मंडल, मलेरिया पदाधिकारी दुलाल हेंब्रम, चित्रा मांझी, सुमित्रा मार्डी, वंदना कालिंदी सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम शामिल थी.
किशोरी की मौत के कारणों की होगी जांच, स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की पड़ताल
घाटशिला में 14 वर्षीय किशोरी की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। मलेरिया और सेप्सिस की आशंका के बीच टीम ने परिजनों से जानकारी ली।

परिजनों से जानकारी लेते स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी | Prabhat Khabar Network