कोवाली.
कोवाली थाना के महुलडीहा गांव में श्री श्री राधा गोविंद भागवत सेवा संघ दक्षिण पोटका की ओर से सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन गुरुवार को कथा सुनने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी. इसमें विधायक संजीव सरदार भी शामिल हुई.
इस मौके पर कथावाचक गोविंद दास शास्त्री महाराज ने राधा कुंड के प्रकाश, मथुरा गमन, कंस वध, द्वारिका गमन, कृष्ण रुक्मिणी विवाह प्रसंग सुनाये. उन्होंने कहा कि जीवन में समस्या हर रोज खड़ी है, पर जीतते वे लोग हैं जिनकी सोच बड़ी है. जिनके रक्षक भगवान होते हैं, उसे कोई मार नहीं सकता. कंस वध प्रसंग पर कहा कि अहंकार को त्याग कर भगवान की शरण में जाने से ही कल्याण होगा. उन्होंने लीला और क्रिया के अंतर को समझाते हुए कहा कि अभिमान और सुखी रहने की इच्छा क्रिया कहलाती है और दूसरों को सुखी रखने की इच्छा लीला है. सांसारिक जीवन में सुखी रहने के लिए महाराज ने इंसान को पांच गलतियों को छोड़ने की सलाह दी. खर्च करना है तो कमाना सीखिए, लिखना है तो सोचना सीखिए, पूजा करना हो तो विश्वास करना सीखिए और बोलने से पहले श्रवण करना सीखिए. महाराज ने कृष्ण रुक्मिणी विवाह प्रसंग पर समाज को संदेश देते हुए कहा कि आज समाज में विवाह एक खिलौना हो गया है. युवाओं को इंगित करते हुए वैवाहिक जीवन को गृहस्थ धर्म का अंग बताते हुए कहा कि इसे कदापि खिलौना ना समझें. कथा को सफल बनाने में आयोजक मंडली के अध्यक्ष रामेश्वर पात्र, मोहनलाल सरदार, महानंद रजक, जयहरि सिंह मुंडा, दिनेश गुप्ता, आशुतोष मंडल, रंजीत महाकुड़, भीमसेन खंडवाल, नरोत्तम दास, नयन बाछाड़, गुरुचरण दास, विकास सिंह, कृष्णा बनर्जी, श्रीकांत मंडल, लक्ष्मीनाथ, भद्रा मंडल, सुमन मंडल , गौतम मंडल, गौरीशंकर पात्रो, उज्वल मंडल आदि का योगदान सराहनीय रहा.
