East Singhbhum News : 70 माह से बंद सुरदा फेज-2 को चालू करने की पहल, 110 को रोजगार मिलेगा

दोबारा काम शुरू करने को लेकर 9 फरवरी को सुरदा प्रशासनिक भवन में होगी बैठक

मुसाबनी. 70 माह से बंद सुरदा फेज-2 को फिर से शुरू करने के लिए एचसीएल ने पहल शुरू कर दी है. जानकारी के अनुसार सुरदा फेज टू परियोजना के तहत सोहदा में बनाये जा रहे नये सॉफ्ट सिंकिंग में 21 मार्च 2020 से काम बंद है. सॉफ्ट निर्माण का काम करने वाली ठेका कंपनी श्रीराम इपीसी ने सितंबर 2020 से सॉफ्ट से पानी निकासी का कार्य भुगतान के मुद्दे को लेकर बंद कर दिया था. एचसीएल एवं ठेका कंपनी के बीच कई दौर की वार्ता के बाद सुरदा फेज टू को फिर से चालू करने पर सहमति बनी है.

एचसीएल ने ठेका कंपनी को चालू करने के लिए सात माह का दिया समय

एचसीएल ने ठेका कंपनी श्रीराम इपीसी को सुरदा फेज-2 को चालू करने के लिए सात माह का समय दिया है. श्रीराम इपीसी के चेन्नई मुख्यालय से प्रोजेक्ट हेड मुरली कृष्ण के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम सुरदा पहुंचकर फेज टू में बंद पड़ी सॉफ्ट सिंकिंग साइट को फिर से चालू करने की कवायद शुरू कर दी है. परियोजना स्थल में उगी झाड़ियों की सफाई शुरू कर साइट की मशीनरी का जायजा लिया. लंबे समय से बंद अधिकांश मशीन कबाड़ में तब्दील हो गयी है. इसे फिर से चालू करने लायक बनाने तथा खराब हो गये मशीनरी को बदलने के लिए ठेका कंपनी के अधिकारी आकलन कर रहे हैं.

पांच साल से 110 ठेका मजदूर बेरोजगार

सुरदा फेज-2 के सॉफ्ट सिंकिंग का काम बंद रहने से 5 साल से इसमें काम करने वाले करीब 110 ठेका मजदूर बेरोजगार हैं. सुरदा फेज टू के फिर से चालू होने से इन बेरोजगारों को फिर से रोजगार मिलने की उम्मीद बढ़ी है. सोहदा सॉफ्ट सिंकिंग साइट की साफ सफाई तथा मशीनरी को दुरुस्त करने के कार्य में मजदूरों को आने वाले दिनों में रोजगार मिलने की उम्मीद है.

21 मार्च 2020 से काम बंद है

वर्ष 2012 में सुरदा फेज टू के अंतर्गत सोहदा में नये सॉफ्ट का निर्माण ठेका कंपनी द्वारा शुरू किया गया था. इसके तहत 600 मीटर गहरा सॉफ्ट का निर्माण वर्ष 2017 तक पूरा करना था. इसकी लागत करीब 100 करोड़ है. एचसीएल अब तक करीब 40 करोड़ रुपये इस पर खर्च कर चुकी है. ठेका कंपनी ने अब तक 396 मीटर सॉफ्ट का निर्माण किया है. अभी भी एक तिहाई काम बाकी है. सॉफ्ट का निर्माण हो जाने तथा सुरदा माइंस का 18वें लेबल तक डेवलपमेंट हो जाने से सुरदा माइंस का अयस्क उत्पादन क्षमता 4 लाख टन वार्षिक से बढ़कर 9 लाख टन वार्षिक हो जायेगा. इससे रोजगार के नये अवसरों का सृजन होगा.

अधिकतर मशीनें पानी में डूबकर हो गयीं बर्बाद

सुरदा फेज-2 परियोजना के काम में काफी विलंब पहले ही हो चुका है. सुरदा फेज-टू का सॉफ्ट निर्माण एवं माइनिंग डेवलपमेंट का कार्य कब तक पूरा होगा, इसे लेकर संशय बना हुआ है. सॉफ्ट से पानी निकासी बंद रहने के कारण सॉफ्ट के अंदर की मशीन लंबे समय से पानी में डूबी हुई है. सुरदा फेस टू के सोहदा में बंद पड़े सॉफ्ट निर्माण के कार्य को फिर से चालू करने को लेकर 9 फरवरी को सुरदा प्रशासनिक भवन में एचसीएल प्रबंधन, ठेका कंपनी प्रबंधन के साथ सोहदा ग्राम प्रधान एवं रानी सबरीन के नेतृत्व में बैठक होगी.

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Published by: Atul pathak

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