गालूडीह. थाना क्षेत्र के धातकीडीह गांव से 31 जनवरी, 2026 को लापता हुए दो मजदूरों में से एक लखींद्र हांसदा (41) चार फरवरी को सुरक्षित अपने गांव लौट आया है. हालांकि, दूसरा मजदूर पुतुल मार्डी (40) अब भी लापता है. उसके परिवार में भारी चिंता और मायूसी है. एक मजदूर के लौटने की सूचना मिलते ही गालूडीह थाना प्रभारी अंकु कुमार ने गांव पहुंचकर लखींद्र हांसदा से पूछताछ की. लखींद्र ने पुलिस को बताया कि दोनों झारसुगुड़ा (ओड़िशा) स्टेशन पर ट्रेन से उतर गये थे. वहीं रात गुजारी. सुबह लखींद्र की आंख खुली, तो पुतुल मार्डी वहां नहीं था. लखींद्र की तबीयत बिगड़ गयी थी. वह मानसिक रूप से भ्रमित महसूस कर रहा था. इसी स्थिति में वह दूसरी ट्रेन पकड़कर सीनी स्टेशन पहुंच गया. वहां से किसी तरह 4 फरवरी को वापस अपने गांव लौटा.
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल:
लखींद्र के लौटने से उसके परिवार ने तो राहत की सांस ली है, लेकिन पुतुल मार्डी का अब तक कोई सुराग न मिलने से उसकी बेटियां आशा, पूजा और उषा मार्डी बेहाल हैं. पिता के बिना बच्चों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. वे प्रशासन से पुतुल की जल्द तलाश करने की गुहार लगा रहे हैं.
रेलवे स्टेशनों के संपर्क में है पुलिस
थाना प्रभारी अंकु कुमार ने बताया कि पुलिस पुतुल मार्डी की तलाश के लिए संबंधित स्टेशनों और संभावित ठिकानों पर संपर्क कर रही है. मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण उसकी सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है.
