प्रतिनिधि, जादूगोड़ा
जादूगोड़ा के प्रसिद्ध मां रंकिणी मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास के लिए स्वीकृत 19 करोड़ रुपये की योजना को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और वन विभाग के बीच विवाद गहरा गया है. ग्रामीणों ने योजना में ग्राम सभा की अनदेखी का आरोप लगाते हुए जादूगोड़ा मोड़ पर मंगलवार को क्षेत्रीय विधायक का पुतला दहन किया.
पेसा कानून के उल्लंघन का आरोप, डीसी को 5 बार सौंपा आवेदन
आंदोलन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि यह क्षेत्र पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आता है और ग्राम सभा की लिखित सहमति के बिना कार्य शुरू करना पेसा कानून का उल्लंघन है. इस मामले में उपायुक्त को पांच बार आवेदन सौंपकर जांच भी बैठायी गयी है. इसके बावजूद काम नहीं रोका गया. विरोध-प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से माझी बाबा राजा सोरेन, धीरेन सुंडी, सीताराम टुडू, नागी मार्डी, रैमत माझी, सलमा हांसदा और सुनीता टुडू समेत कई ग्रामीण उपस्थित थे.
ग्राम सभा की सहमति से शुरू हुई योजना : रेंजर
दूसरी ओर, वनक्षेत्र पदाधिकारी विमद कुमार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सभी योजनाएं नियमानुसार ग्राम सभा के बाद ही शुरू की गयी हैं. उन्होंने बताया कि बड़ा झरनाहिल मौजा में 19 मई 2024 और रोहिणीबेड़ा मौजा में 26 मई 2024 को ग्राम प्रधानों की अध्यक्षता में ग्राम सभाएं की गईं, जिनका लिखित रजिस्टर मौजूद है. कुछ लोग बिना जानकारी के सरकारी काम में बाधा डाल रहे हैं.
