पोटका.
पोटका प्रखंड के बुरुडीह गांव स्थित निरंजन मंडल के आवास में सोमवार को माताजी आश्रम हाता की ओर से सत्संग का आयोजन किया गया. इस दौरान सर्वप्रथम ठाकुर, मां और स्वामीजी की पूजा और संध्या आरती हुई. तड़ित मंडल ने स्वागत भाषण दिया. शिल्पी कमल कांति घोष ने रामकृष्ण कथामृत पाठ किया. उन्होंने कहा कि रामकृष्ण कथामृत धर्म जगत में अनमोल धर्मग्रंथ है. इसमें सभी धर्म और भगवान की कथा का वर्णन है. इसका पाठ किसी भी धर्म के लोग कर सकते हैं. सुनील कुमार दे ने कहा कि भगवान रामकृष्ण देव ने हमें सभी धर्म का सम्मान करना सिखाया है. इसलिए धर्म और भगवान के नाम पर झगड़ा नहीं करनी चाहिए, क्योंकि धर्म शांति और सद्भाव के लिए होता है. जो लोग अपने धर्म को दूसरों से श्रेष्ठ मानकर झगड़ा करते हैं, वे अक्सर अज्ञानी होते हैं और अपने धर्म के असली उद्देश्य से भटक जाते हैं. असली धर्म तो प्रेम और सम्मान सिखाता है. विभिन्न धर्मों के लोगों को एक-दूसरे की आस्था का सम्मान करना चाहिए. मौके पर शंकर चंद्र गोप, तनुश्री मंडल, नारायण मंडल, पूनम मंडल, जासाई सोरेन, पतित पवन दास, प्रवीर दास, रेवा गोस्वामी, मुकुल मंडल, महीतोष मंडल, तपन दे, बलराम गोप, मोहितोष गोप, संजीव साह, रामकृष्ण सरदार, सुधीर गोप, सावित्री गोप,अर्जुन मुदी, लोचोना मंडल, सुजाता मरल, स्वपन मंडल, असित मंडल, संतोष मंडल, बेलारानी मंडल, रीता मंडल, रीना मंडल, तपन मंडल, तरुण मंडल, सहदेव मंडल, वंदना मंडल मौजूद थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
