घाटशिला. घाटशिला के शहरी क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण सड़क मरम्मत कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है. सड़क निर्माण में 3.41 करोड़ रुपये खर्च होना है. पथ निर्माण विभाग के संवेदक मृत्युंजय कंस्ट्रक्शन के मुंशी व कर्मचारी ने बताया कि बारिश की वजह से सड़क मरम्मत कार्य प्रभावित हो रहा है. दुर्गा पूजा के मद्देनजर कई स्थानों पर मरम्मत कार्य चल रहा है, लेकिन कार्य पूजा के बाद पूरा होने की संभावना है. अगर मौसम अनुकूल रहा, तो पूजा के बाद सड़क का कार्य पूरा हो जायेगा.
इन सड़कों का निर्माण होना है
पथ निर्माण विभाग के विभागीय पदाधिकारी ने बताया कि घाटशिला शहर में विभिन्न महत्वपूर्ण सड़कों की मरम्मत व कालीकरण कार्य होना है. इनमें फूलडूंगरी से गोपालपुर, हाथीजोबड़ा से शहीद दिलीप बेसरा गोपालपुर, गोपालपुर से राम मंदिर घाटशिला, राम मंदिर से पुराना अनुमंडल कार्यालय और काशिदा मुख्य पथ तक सड़क का निर्माण शामिल है.
फुलडूंगरी-गोपालपुर तक कालीकरण हुआ:
फिलहाल संवेदक ने केवल फुलडूंगरी से गोपालपुर तक कालीकरण का कार्य किया है. गोपालपुर फाटक के ग्रामीणों ने सड़क को पीसीसी कराने की मांग उठायी. उनका कहना है कि सिर्फ कालीकरण करने से बरसात में सड़क फिर टूट जायेगी. समस्या बरकरार रहेगी. ग्रामीणों का कहना है कि पीसीसी निर्माण से स्थायी समाधान होगा. पूर्व विधायक प्रतिनिधि जगदीश भकत ने इस मांग को उचित बताया. इस मुद्दे को सोमेश चंद्र सोरेन के समक्ष रखा जायेगा. बताया कि दुर्गा पूजा से पहले भी लोगों के आवागमन को ध्यान में रखते हुए जरूरी मरम्मत कार्य चल रहा है, ताकि पर्व के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो. मौके पर प्रदीप दास, राजहंस मिश्रा, सौरभ बोस, सागर पाणी, प्रकाश निषाद, राजा सिंह, मदन दलाई, सुशील माडी आदि ग्रामीण उपस्थित थे. पथ निर्माण विभाग का कहना है कि सड़क का पूर्ण निर्माण होना तय है, लेकिन फिलहाल पीसीसी निर्माण का प्रावधान नहीं है.अंडरपास व सड़क मरम्मत की मांग पर बेमियादी धरना चार से
जेएलकेएम नेता रामदास मुर्मू के नेतृत्व में मंगलवार को एसडीओ कार्यालय में एसडीओ के नाम ज्ञापन सौंपा गया. घाटशिला फूलडूंगरी अंडरपास व झाटीझरना मुख्य सड़क की अत्यंत खराब स्थिति पर ध्यान दिलाते हुए तत्काल मरम्मत की मांग की. बताया कि फुलडूंगरी अंडरपास पर रोजाना हजारों लोग उल्टी दिशा से राष्ट्रीय मार्ग पार कर आते-जाते हैं. मरीजों को अनुमंडल अस्पताल ले जाने में कठिनाई हो रही है. सैकड़ों छात्र मारवाड़ी स्कूल में इसी रास्ते से जाते हैं. बस यात्री भी जोखिम उठाकर सड़क पार करते हैं. अबतक आधा दर्जन से अधिक लोगों की मौत दुर्घटनाओं में हो चुकी है. फूलडूंगरी से झाटीझरना मार्ग की स्थिति इतनी दयनीय है कि पर्यटक व स्थानीय ग्रामीण (बुरुडीह, रामचंद्रपुर, बासाडेरा, टिकरी, डायनमारी, झाटीझरना) दिन-रात जोखिम उठाकर आवागमन करते हैं. एंबुलेंस से मरीज लाने-ले जाने में समस्या हो रही है. इसे लेकर 4 अक्तूबर से फूलडूंगरी चौक पर सुबह 10 बजे से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जायेगा. उन्होंने प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग की.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
