East Singhbhum News : मुसाबनी के 10 टोलों में नहीं पहुंची बिजली ढिबरी और मोमबत्ती के सहारे जी रहे लोग

मुसाबनी : फॉरेस्ट ब्लॉक पंचायत के ग्रामीणों ने विभाग को ज्ञापन सौंपा

मुसाबनी. स्मार्ट सिटी और डिजिटल इंडिया के दौर में पूर्वी सिंहभूम जिले की एक पंचायत के 10 टोलों में ग्रामीण ढिबरी व मोमबत्ती की रोशनी के सहारे हैं. मुसाबनी प्रखंड की फॉरेस्ट ब्लॉक पंचायत के मुखिया पोरमा बानरा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने मंगलवार को घाटशिला विद्युत विभाग के कार्यालय में सहायक अभियंता को ज्ञापन सौंपा. ग्रामीणों ने कहा कि पंचायत के 10 टोला में अब तक बिजली नहीं पहुंची है. ऐसे में ग्रामीण ढिबरी जलाकर रहते हैं. गांव में बिजली आने का इंतजार कर रहे लोगों की आंखें वृद्ध हो गयी हैं. बुजुर्गों को उम्मीद है कि शायद उनके बच्चों को बिजली की सुविधा मयस्सर हो सकेगी. ग्रामीणों के अनुसार, पंचायत के वोनडोपोल, भालूबासा, जोजो डुंगरी, टेंडाकोचा, लाडियाम कोचा, कुददाबेड़ा, नातराबेड़ा, नारागोड़ा, काकड़ाझरना सबर टोला, बंकई, डुंगरीसाईं आदि टोला में आजादी के बाद से अबतक बिजली नहीं पहुंची है. इन टोलों के निवासी बिना बिजली के बना परेशान हो रहे हैं. बिजली नहीं होने के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. ग्रामीण मोबाइल चार्ज समेत कई अन्य सुविधाओं से वंचित है. वर्षों से इन टोलों के ग्रामीण बिजली पहुंचने की आस लगाये बैठे हैं. ग्रामीणों ने सहायक अभियंता से जल्द इन टोलों में विद्युतीकरण करने की मांग की. प्रतिनिधि मंडल में डीबर पिंगुआ, जेआडी पिगुआ, किसुन पिगुआ, दुर्गा हेंब्रम आदि शामिल थे. बिजली की कमी में जंगली जानवरों का डर बना रहता है. इससे ग्रामीणों को रात में सुरक्षा का खतरा महसूस होता है. ग्रामीणों ने पंचायत के जनप्रतिनिधियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे समस्याओं को उठाने और उन्हें हल करने में रुचि नहीं दिखाते. बिजली जैसी मूलभूत सुविधा नहीं मिलने से गांवों का विकास थम गया है. लोग आज भी ढिबरी और लालटेन के सहारे जीवन जीने को मजबूर हैं.

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Author: ATUL PATHAK

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