प्रतिनिधि, चाकुलिया
बहरागोड़ा प्रखंड अंतर्गत पाथरा से बांसदा तक सड़क निर्माण कार्य 8 वर्ष बाद भी पूरा नहीं हो सका है. इसे विभागीय लापरवाही कहें या संवेदक की मनमानी. परंतु इसका नुकसान सीधे ग्रामीणों को उठाना पड़ रहा है. जमशेदपुर की निर्माण कंपनी किरण कंस्ट्रक्शन द्वारा इस सड़क का निर्माण कार्य शुरू कराया गया. आरसीडी विभाग का यह सड़क लगभग 35 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा है. पनकीसोल गांव के समीप संवेदक द्वारा पुल का निर्माण नहीं कराया गया है. पुल नहीं होने से तथा सड़क निर्माण कार्य अधूरा रहने से बरसात के समय क्षेत्र के लोगों को काफी अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है. पुल निर्माण के लिए एक किसान के जमीन पर लगभग 4 वर्ष पहले संवेदक द्वारा डायवर्सन बना दिया गया. डायवर्सन भी आज तक जस की तस है ना डायवर्सन हटाया गया और ना किसान को डायवर्सन के बदले मुआवजा की राशि दी गयी. किसान खेती भी नहीं कर पा रहा है. इसके अलावे इस सड़क के अंतर्गत बांसदा एवं कोषाफलिया समेत पांच स्थानों पर कालीकरण का काम भी अधूरा छोड़ दिया गया है. जिसकी कुल लंबाई लगभग 1 किमी की होगी. 8 वर्षों तक सड़क का अधूरा रहना विभागीय कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है. हाल ही में राज्य के मुख्यमंत्री ने अधूरी योजनाओं को जल्द पूर्ण करने का निर्देश भी जारी किया है. इसी रास्ते के बीच गंडानाटा में पूर्व विधायक सह वर्तमान झामुमो के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षड़ंगी का पैतृक आवास भी है.
वर्ष के अंत तक पूर्ण हो जाएगा सड़क एवं पुल का निर्माण कार्य
दिव्यांशु कुमारइस बारे में पूछे जाने पर विभागीय सहायक अभियंता दिव्यांशु कुमार ने कहा कि पुल के डिजाइन को लेकर पनकीसोल के समीप पुल निर्माण में देर हुई है. कई स्थानों पर भू अर्जन द्वारा राशि भुगतान नहीं करने पर भी परेशानी का सामना करना पड़ा था. उन्होंने कहा कि सभी समस्याओं को दूर कर लिया गया है. बरसात समाप्त होते ही दिसंबर महीने तक सड़क निर्माण कार्य को पूर्ण कर लिया जायेगा.
