East Singhbhum News : आठ लैंपसों में धान खरीद बंद, गोदाम से नहीं हो रहा उठाव
चाकुलिया प्रखंड: गोदाम भरने और भुगतान में विलंब से स्थिति गंभीर
चाकुलिया.
चाकुलिया प्रखंड क्षेत्र के आठ लैंपसों में धान क्रय केंद्र खोले जाने के बाद अब धान की खरीदारी ठप हो गयी है. गोदामों की क्षमता सीमित होने के कारण लगभग सभी लैंपस के गोदाम भर चुके हैं. मिल मालिकों की ओर से चावल (सीएमआर) की आपूर्ति नहीं किये जाने के कारण धान का उठाव फिलहाल बंद है, जिससे किसानों की परेशानी फिर बढ़ गयी है. सरकार ने घोषणा की थी कि धान बिक्री के 48 घंटे के भीतर किसानों के खातों में भुगतान कर दिया जायेगा, लेकिन यह वादा अब तक पूर्ण रूप से लागू नहीं हो पाया है. प्रखंड के आठ लैंपसों में करीब 100 से अधिक किसानों ने धान बेचा है, मगर अब तक केवल 10 से 12 किसानों के ही खाते में राशि भेजी जा सकी है. प्रत्येक केंद्र से महज दो या तीन किसानों को ही भुगतान हुआ है.मिल मालिकों ने नहीं दिया चावल, इसलिए रुका उठाव
प्रखंड कृषि पदाधिकारी शिवानंद घटवारी ने बताया कि नियमों के अनुसार, मिल मालिकों को पहले सीएमआर का चावल देना होता है, तभी उन्हें नये सिरे से धान का उठाव करने की अनुमति मिलती है. मिल मालिकों ने अब तक चावल की आपूर्ति नहीं की है, इसलिए नया धान नहीं दिया गया है. यही कारण है कि गोदाम भर गये हैं. क्रय प्रक्रिया अस्थायी रूप से बंद है.
प्रभारी के नहीं पहुंचने से भुगतान में देरी
विभागीय नियमों के अनुसार, प्रत्येक लैंपस में नियुक्त प्रभारी को प्रतिदिन शाम 5 बजे केंद्र जाकर अंगूठा का निशान लगाना होता है, ताकि जिला प्रशासन भुगतान प्रक्रिया शुरू कर सके. प्रखंड में यह जिम्मेदारी कृषि पदाधिकारी, जनसेवक और पंचायत सचिवों को सौंपी गयी है, लेकिन व्यस्तता के कारण वे प्रतिदिन केंद्रों पर नहीं पहुंच पा रहे हैं. इससे किसानों के खातों में समय पर धनराशि नहीं पहुंच रही है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
