East Singhbhum News : 39 महिला समेत 379 लोगों ने किया रक्तदान, हेलमेट देकर किया जागरूक

गालूडीह. कुड़मी संस्कृति विकास समिति का महारक्तदान शिविर आयोजित

गालूडीह. गालूडीह के महुलिया आंचलिक मैदान में गुरुवार को शहीदों की याद में कुड़मी संस्कृति विकास समिति ने चौथे साल महारक्तदान शिविर लगाया. इसमें नेताजी सुभाष जयंती समिति गालूडीह और आंचलिक कल्चरल एसोसिएशन महुलिया ने सहयोग किया. सुबह से शाम तक रक्तदान को लेकर उत्साह दिखा. रक्तदाताओं ने कतार में खड़े होकर रक्तदान किया. कई बुजुर्ग व महिलाओं ने रक्तदान किया. शिविर में 379 यूनिट रक्त संग्रह हुआ. इसमें 340 पुरुष और 39 महिलाएं शामिल रहीं. सभी रक्तदाताओं को शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन की तस्वीर के साथ स्टीकर लगे हेलमेट व प्रमाण पत्र दिये गये. शिविर का उद्घाटन मुख्य अतिथि बहरागोड़ा के पूर्व विधायक सह झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी, विधायक प्रतिनिधि जगदीश भकत, समिति के केंद्रीय अध्यक्ष स्वपन महतो, समाजसेवी शीतल ओहदार, खुदीराम महतो, झामुमो प्रखंड अध्यक्ष दुर्गाचरण मुर्मू, मानस दास, रवींद्र महतो, सानू सिन्हा आदि ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. कुणाल षाड़ंगी को पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया.

आयोजक सपन सम्मानित, महिलाओं में दिखा उत्साह

कुड़मी संस्कृति विकास समिति के केंद्रीय अध्यक्ष सपन महतो के काम से प्रभावित होकर सिमडेगा के अलफलाह समिति की ओर से गालूडीह मुस्लिम कमेटी के अध्यक्ष अहमदुस सलाम अपनी टीम के साथ ट्रॉफी देकर सम्मानित किया. शिविर में महुलिया की पंसस शीला गोप, उप मुखिया कपिल देव शर्मा, वार्ड सदस्य बासंती दां, साजिद अहमद, डोमन गोप, बकरुद्दीन अली, सानू सिन्हा, रवींद्र महतो, राजेश महतो, सचिन सरकार, बबलू हुसैन, परीक्षित दत्ता, सोमनाथ साधु, सोमा महतो, रमाकांत दलाई, शिवा दत्ता, राजाराम गोप, अशोक दत्ता, इंद्रजीत गिरी, अरुण गोरई, अशोक महतो, अनिल महतो, दिलीप भालुक, अजय महतो, महेश्वर दत्ता, परिमल दत्ता आदि ने शिविर को सफल बनाने में अहम भूमिका निभायी.

खून का कोई धर्म नहीं, सबसे बड़ा धर्म मानवता : कुणाल

पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की तस्वीर पर श्रद्धांजलि दी गयी. शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के बेहतर स्वास्थ्य की कामना के लिए प्रार्थना की गयी. दिवंगत मुचीराम गिरि को श्रद्धांजलि दी गयी. कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि खून का कोई मजहब-धर्म नहीं होता. सबसे बड़ा धर्म मानवता और इंसानियत है. एक इंसान तीन माह में एक बार रक्तदान कर सकता है. मैंने खुद 84 बार किया है. संचालन शिक्षक साजिद अहमद और डोमन गोप ने किया.

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Author: ATUL PATHAK

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