East Singhbhum News : 1932 के खतियान पर ग्रामीणों के जाति प्रमाण पत्र बने
बीडीओ सह सीओ ने ग्रामीणों के बीच बांटे सर्टिफिकेट, वर्षों पुरानी समस्या का हुआ समाधान, ग्रामीणों में खुशी
By ATUL PATHAK | Updated at :
मुसाबनी. उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की पहल पर मुसाबनी प्रखंड की फॉरेस्ट ब्लॉक पंचायत अंतर्गत दलमाबेड़ा में गुरुवार को विशेष शिविर लगाया गया. यहां ग्रामीणों की वर्षों पुरानी जाति प्रमाण पत्र की समस्या का समाधान शुरू हुआ. बीडीओ सह प्रभारी अंचलाधिकारी पवन कुमार अपनी टीम के साथ गांव पहुंचे. अंचलाधिकारी ने 1932 के खतियान के आधार पर मौके पर चार ग्रामीणों को जाति प्रमाण पत्र प्रदान किया, जबकि दो दर्जन से अधिक आवेदनों को शीघ्र निष्पादित करने का भरोसा दिया.
ग्राम सभा में लिये गये आवेदन:
दलमाबेड़ा के ग्राम प्रधान सह मुखिया पोरमा बानरा की अध्यक्षता में आयोजित शिविर में दलमाबेड़ा, हेसलटांडी, कुदाबेड़ा, बोगसुतली और चिरुदा जैसे कई टोला के ग्रामीण जुटे. मौके पर ग्राम सभा में ग्रामीणों ने जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्र के लिए अपने आवेदन जमा किये.
डीसी के दौरे के बाद मिली बड़ी राहत:
विदित हो कि बीते 5 फरवरी को उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने दलमाबेड़ा का दौरा किया था. उस दौरान मुखिया पोरमा बानरा ने समस्या उठायी थी कि 1964 के सर्वे कागजात न होने के कारण ग्रामीणों के प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं, जबकि उनके पास 1932 का खतियान मौजूद है. उपायुक्त ने खतियान देखने के बाद तत्काल अधिकारियों को इसके आधार पर प्रमाण पत्र बनाने के आदेश दिए थे.
छात्रों को मिलेगी पढ़ाई में सहूलियत:
जाति प्रमाण पत्र नहीं होने के कारण क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और छात्रवृत्ति के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था. अब प्रशासन की सक्रियता से छात्रों और उनके अभिभावकों में खुशी की लहर है. ग्रामीणों ने इस त्वरित कार्रवाई के लिए उपायुक्त और अंचलाधिकारी के प्रति आभार व्यक्त किया है. कैंप में अंचल कार्यालय के प्रधान सहायक मानिक महतो, प्रभारी सीआइ कन्हैया लाल हेंब्रम, राजस्व कर्मचारी दुर्गाचरण वाईपोई, विजय कुमार वर्मा, प्रखंड के प्रधान सहायक मंगल हांसदा, उर्दू अनुवादक मोहम्मद असलम और आपूर्ति विभाग के मोहम्मद जुनेद आदि उपस्थित थे.