बोड़ाम. जिला प्रशासन ने एक गंभीर चिकित्सा आपातकाल के प्रति त्वरित व संवेदनशील है. यह मामला उस समय प्रकाश में आया जब सामाजिक कार्यकर्त्ता दीपक रंजीत ने भावनात्मक अपील के माध्यम से श्रीजीना बीबी की गंभीर स्थिति को जिला प्रशासन के समक्ष सामने रखा गया. श्रीजीना बीबी अपने ससुराल में हुई घटना के बाद गंभीर रूप से घायल हुईं, जिसके परिणामस्वरूप उनका गला बुरी तरह से काटा गया है. जिला प्रशासन मामले को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच में लगी हैं. प्रारंभिक उपचार राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज रिम्स में हुआ, किंतु अस्पष्ट परिस्थितियों से उनका इलाज अधूरा रह गया. वर्तमान में वे अपने मायके बोड़ाम के बारियादा गांव में नाजुक स्वास्थ्य स्थिति में हैं और जीवन संकट का सामना कर रही हैं. मामले की जानकारी मिलने के बाद तत्काल संज्ञान में लेते हुए जिला उपयुक्त ने सिविल सर्जन को निर्देशित किया है कि वे पीड़िता से संपर्क करें और उन्हें हर संभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराएं. जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी आवश्यक संसाधनों को सक्रिय कर दिया गया है ताकि श्रीजीना बीबी को समय पर उपचार मिले. यह प्रयास न केवल उनकी जान बचाने के लिए है, बल्कि भविष्य में ऐसे मामलों में त्वरित राहत सुनिश्चित करने का भी संकेत है. दीपक रंजीत ने मामले में कहा कि श्रीजीना बीबी की दर्दनाक स्थिति ने सभी के दिल को झकझोर दिया. उन्होंने कहा कि यह केवल एक महिला की व्यक्तिगत त्रासदी नहीं, बल्कि हमारे समाज में व्याप्त लापरवाही और संवेदनहीनता का प्रतीक है.
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