गुड़ाबांदा और डुमरिया के जंगलों से सफेद पत्थर का काला कारोबार जारी, लगा है पूरा सिंडेकेट

गुड़ाबांदा और डुमरिया के जंगलों में सफेद पत्थर का अवैध कारोबार जारी है. माफिया प्राकृतिक साल के पेड़ों को नष्ट कर पर्यावरण को गंभीर संकट में डाल रहे हैं.

प्रभात खबर पड़ताल

मो परवेज/कुश महतो, गुड़ाबांदा

गुड़ाबांदा और डुमरिया प्रखंड क्षेत्र के जंगलों से अवैध रूप से सफेद पत्थर का काला कारोबार चोरी छिपे जारी है. पत्थर माफिया फॉरेस्ट एरिया से पत्थर निकाल कर बड़े व्यापारी को बेचते रहे हैं. स्थानीय पुलिस, वन विभाग तथा खनन विभाग के पदाधिकारियों से सांठगांठ से पत्थर माफिया वर्षो से क्षेत्र में खनन कराते आ रहे हैं सफेद पत्थर के लालच में प्राकृतिक साल के पेड़ भी नष्ट कर रहे हैं. जंगल को खोखला कर दिया जा रहा इससे पर्यावरण को गंभीर संकट है. सुरक्षित साल जंगल में बड़े बड़े पत्थर के नीचे आग लगा कर तोड़ा जा रहा है. उसके बाद सीएफटी के हिसाब से ट्रैक्टर से ले जाते हैं. इससे साल जंगल नष्ट होने के साथ पर्यावरण को हानि पहुंच रही है.

वन विभाग के मुताबिक यह गंभीर अपराध है. बावजूद कोई रोकने, बोलने वाला नही. कार्य दिन भर मजदूर को माफिया द्वारा लगा कर जंगलों में पत्थर खनन कराया जा रहा है. क्षेत्र के गुड़ाबांदा, जियान, भालकी, कन्यालुका, फॉरेस्ट ब्लॉक, मुड़ाठाकड़ा, अर्जुनबेड़ा, सिंहपुरा, मुड़ाकाटी आदि जंगल से ज्यादा सफेद पत्थर का खनन हर रोज होता है. प्रखंड क्षेत्र में दो सफेद पत्थर स्टॉक पॉइंट भी है. लेकिन क्षेत्र में पत्थर के लिए कही भी लीज नहीं है. फिर भी पत्थर कहां से ला रहा है. कहां मिल रहा सफेद पत्थर इसकी जानकारी किसी को नहीं.

गुड़ाबांदा के जंगलों में है रूटाइल पत्थर

गुड़ाबांदा क्षेत्र के जियान ओर राजाबासा जैसे बड़े जंगलों इस सफेद पत्थर को ''ब्लैक गोल्ड'' या ''लाल सोना'' कहा जा रहा है. जिसका नाम है रुटाइल पत्थर. रूटाइल हल्के रूप से टाइटेनियम डाइऑक्साइड का एक प्राकृतिक रूप है. यह गहरे लाल, भूरे, काले या सुनहरी रंग की सुंदर चमकीली क्रिस्टल के रूप में पाया जाता है. जब यह पारदर्शी क्वार्ट्ज क्रिस्टल के छोर भाग को तरह दिखता है, तो इसे ''गोल्डन रूटाइल या ''एंजेल हेयर स्टोन'' कहा जाता है. बाजार में इसकी मांग दो मुख्य वजहों से सबसे ज्यादा है-हाई-एंड इंडस्ट्री और अंतरिक्ष विज्ञान. रूटाइल से दुनिया की सबसे मजबूत और हल्की धातु ''टाइटेनियम'' निकाली जाती है. इसका उपयोग एयरोस्पेस, पेस, रॉकेट, रासायन युद्ध विमानों के इंजन, न्यूक्लियर रिएक्टर और हाई-एंड इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में होता है.

क्या कहते हैं अधिकारी

पत्थर खनन चोरी छिपे करने वालो पर उचित कार्रवाई की जायेगी. जंगल में बिना कारण का अंदर जाना ओर किसी चीज को नष्ट करना सख्त मना है. - सुनाराम सबर, वनपाल, गुड़ाबांदा

गुड़ाबांदा क्षेत्र में पत्थर खनन या स्टॉक पॉइंट कर जंगल का पत्थर पर नजर लगाये लोगों पर कार्रवाई होगी. - डांगुर कोड़ाह, बीडीओ, गुड़ाबांदा


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लेखक के बारे में

By Mdparwez

मो. युनूस परवेज वर्ष 1995 से पत्रकारिता कर रहे हैं. उन्होंने घाटशिला महाविद्यालय और रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातक और राजनीतिक विज्ञान ऑनर्स की डिग्री हासिल की है. इनकी राजनीति, अपराध, नक्सलवाद, खेल, शिक्षा और खेती किसानी की खबरों में विशेष रुचि है. डिजिटल जर्नलिज्म में 5 साल का अनुभव है.

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