East Singhbhum News : जादूगोड़ा डीवीसी में ड्यूटी कर रहा होमगार्ड जवान सीढ़ियों से गिरा, अस्पताल में मौत

रात 10 बजे की घटना, सुबह तबीयत बिगड़ने पर परिजन ले गये अस्पताल

घाटशिला. जादूगोड़ा डीवीसी में तैनात झारखंड होमगार्ड के जवान संजय महाकुड़ (57) गुरुवार की रात करीब 10 बजे सीढ़ियों से गिर गये. सुबह तबीयत बिगड़ने पर घाटशिला अनुमंडल अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया. सूचना पाकर घाटशिला और जादूगोड़ा थाना की पुलिस पहुंची. मामले की जांच की. घाटशिला अनुमंडल अस्पताल में चिकित्सक मीरा मुर्मू ने पोस्टमार्टम किया. डॉ मुर्मू ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर शरीर पर किसी तरह की चोट या निशान नहीं हैं. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का पता चलेगा. साथी जवान समीर मुर्मू ने बताया कि संजय महाकुड़ जादूगोड़ा डीवीसी में ड्यूटी पर थे. गुरुवार की रात लगभग 10 बजे सीढ़ी से गिर गये. रात में उनकी तबीयत सामान्य थी. सुबह उनकी हालत बिगड़ने लगी. इसके बाद परिजनों ने अस्पताल पहुंचाया.

डुमरिया के मानदा गांव के निवासी थे:

संजय महाकुड़ डुमरिया थाना क्षेत्र की काटशोला पंचायत अंतर्गत मानदा गांव के निवासी थे. वह अपने पीछे पत्नी शोभा महाकुड़, दो पुत्रियां और एक पुत्र को छोड़ गये हैं. परिजनों के अनुसार घटना की जानकारी मिलते ही वे जादूगोड़ा डीवीसी पहुंचे थे. वहां से उन्हें अस्पताल लाया गया.

संघ के जिलाध्यक्ष पहुंचे, परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिलाने का वादा किया:

सूचना मिलते ही लोक सेवा संघ के जिला अध्यक्ष परितोष महतो घाटशिला अस्पताल पहुंचे. उन्होंने शोक संतप्त परिवार को आश्वासन दिया कि संगठन इस दुख की घड़ी में उनके साथ है. उन्होंने परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने और उचित मुआवजा दिलवाने का भरोसा दिया. परितोष महतो ने कहा कि उन्होंने होमगार्ड जिला कार्यालय को घटना की सूचना दी थी. पोस्टमार्टम के समय कोई भी प्रतिनिधि वहां नहीं पहुंचा, जो दुर्भाग्यपूर्ण है. घटना के समय घाटशिला और जादूगोड़ा थाना की पुलिस मौके पर मौजूद थी. समाजसेवी कलीराम शर्मा ने भी अंत परीक्षण में सहयोग किया.

समादेष्टा ने 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद की:

इधर, संजय महाकुड़ की मौत के बाद शव को साकची स्थित गृह रक्षा वाहिनी के कार्यालय परिसर लाया गया, जहां उन्हें श्रद्धांजलि दी गयी. इसके बाद समादेष्टा हरिहर सिंह मुंडा ने 10 हजार रुपये सहायता राशि प्रदान की. इसके अलावा अनुकंपा पर आश्रित को नौकरी दिलाने का प्रयास करने का भरोसा दिया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: ATUL PATHAK

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >