मूसलाधार बारिश से घाटशिला की बिहारी व रेलवे कॉलोनी के दर्जनों घरों में घुसा पानी

घाटशिला में मूसलाधार बारिश के कारण बिहारी और रेलवे कॉलोनी के दर्जनों घरों में पानी घुस गया, जिससे स्थानीय लोग पूरी रात जागकर पानी निकालने को मजबूर हुए।

प्रतिनिधि, घाटशिला

घाटशिला प्रखंड में शुक्रवार देर रात से हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया. महज कुछ घंटों की बारिश ने शहरी क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था की हकीकत भी उजागर कर दी. जल जमाव के कारण कई मोहल्लों के सैकड़ों घरों में पानी घुस गया. इससे लोगों को पूरी रात परेशानियों का सामना करना पड़ा. हर वर्ष की तरह इस बार भी पावड़ा एवं काशिदा पंचायत क्षेत्र की बिहारी कॉलोनी, नुआग्राम और रेलवे कॉलोनी सबसे अधिक प्रभावित रहीं. कई स्थानों पर घरों में ढाई से तीन फीट तक पानी भर गया. अचानक जलस्तर बढ़ने से घरों में रखा सामान भीग गया, जबकि सांप, बिच्छू, कीड़े-मकोड़े घरों में घुस गये. हालात ऐसे हो गये कि लोगों को पूरी रात जागकर पानी निकालना पड़ा.

रेल कर्मचारियों ने खुद निकाला पानी

भारी जलजमाव का असर रेलवे के पुराने और नये करीब दो दर्जन क्वार्टरों पर भी पड़ा. क्वार्टरों में पानी घुसने के बाद रेल कर्मचारी बाल्टी और झाड़ू की मदद से पानी निकालते नजर आये. काशिदा स्थित रेलवे क्वार्टरों के पास जलनिकासी रोकने के लिए बनायी गयी बाउंड्री भी पानी रोकने में विफल रही. कर्मचारियों ने पानी की निकासी के लिए बाउंड्री का एक हिस्सा तोड़ दिया. वहीं राजहंस मिश्रा के घर के समीप स्थित ट्रांसफॉर्मर के पास पानी पहुंचने के बाद सुरक्षा के मद्देनजर बिजली आपूर्ति भी बंद कर दी गयी. स्थानीय लोगों ने रेल प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी जतायी. ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष बारिश में यही स्थिति बन जाती है. स्थायी समाधान की दिशा में कोई पहल नहीं की जाती.

पहले भी सौंपा था ज्ञापन, नहीं हुई

पहल

स्थानीय निवासी चंदन राय, गौतम सिंह, वरुण कुमार, सोनू ने बताया कि पिछले वर्ष भी स्टेशन मास्टर के माध्यम से रेल प्रबंधन को जलनिकासी की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया था. इसके बावजूद आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. बारिश के दौरान घरों में सांप-बिच्छू घुस जाते हैं और लोगों की जान जोखिम में बनी रहती है.

विधायक के निर्देश पर कार्यकर्ताओं ने लिया जायजा

सूचना मिलने पर विधायक सोमेश चंद्र सोरेन के निर्देश पर झामुमो कार्यालय सचिव अंकुर कावड़ी, सौरव बोस और राजहंस मिश्रा बिहारी कॉलोनी एवं रेलवे कॉलोनी पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर स्थिति का जायजा लिया. झामुमो नेता जगदीश भकत ने कहा कि पूरे मामले से विधायक को अवगत कराया जायेगा तथा एसडीओ को ज्ञापन देकर रेलवे अधिकारियों के साथ बैठक बुलाने की मांग की जायेगी. फोटो: फोटो में नाम लिखा है.

क्या कहते हैं ग्रामीण

जब से मैं होश संभाला हूं, तब से हर बारिश में यही स्थिति देख रहे हैं. रेलवे चाहे तो जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था हो सकती है, पर रेल प्रबंधक इधर-उधर करोड़ों रुपये खर्च कर बिल बना रही है. जबकि इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है.

कंचन महतो, बिहारी कॉलोनीरेलवे ने पहले नाला बनाया था, जिससे पानी निकल जाता था. बाद में पुराने आवास के पास नाले के ऊपर ही बाउंड्री बना दी गयी. इससे जलनिकासी बाधित हो गयी है. रेलवे प्रशासन को इस ओर अभिलंब ध्यान देना चाहिए.

- गोपाल गुप्ता, ग्रामीणआज मेरे पिता का श्राद्धकर्म है और घर के आसपास पानी भर जाने से काफी परेशानी हो रही है. जनप्रतिनिधियों को इस समस्या पर गंभीरता से पहल करनी चाहिए. इससे पहले भी कई बार जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की चुकी है.

- दीपक सिन्हा, स्थानीय निवासीबिहारी कॉलोनी के किनारे की नालियों की मरम्मत और बालिका मध्य विद्यालय के पास पक्की नाली का निर्माण जरूरी है, तभी स्थायी समाधान होगा. समय-समय पर नालियों की साफ-सफाई नहीं होने से भी परेशानी बढ़ जाती है. -

बासुदेव स्वर्णकार, स्थानीय निवासीहमलोग तो काफी दिनों से रह रहे है. हर बरसात में बिहारी कॉलोनी डूब जाती है. जिससे सभी घरों में जलमग्न हो जाता है. रेलवे लगातार नये क्वार्टर बना रहा है, लेकिन पानी निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं की जा रही है. -

अजीत पांडेय, स्थानीय निवासीनुआग्राम और बिहारी कॉलोनी में हर साल यही हाल रहता है. घरों में पानी भर जाता है, लेकिन आज तक किसी जनप्रतिनिधि ने इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं कराया. इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना जरूरी है.

- अभिषेक तिवारी, स्थानीय निवासीकल की बारिश में मेरे घर में भी सांप घुस गया था. हर साल यही स्थिति बनी जाती है, अब तक जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गयी. जनप्रतिनिधि, प्रशासन और संबंधित विभाग को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए. -

सुशांत सिंह, स्थानीय निवासी

रेलवे कर्मचारियों की भी बढ़ी परेशानी

करीब दो दर्जन रेलवे क्वार्टरों में पानी घुस गया. हर साल विभागीय अधिकारियों को इसकी जानकारी दी जाती है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है. रेल प्रबंधन की ओर ध्यान देने की जरूरत है. हर साल काफी विकट स्थिति बन जाती है.

- कमलेंदु नायक, रेल कर्मचारी

पिछले तीन वर्षों से यही स्थिति है. क्वार्टरों में पानी घुसने से परिवार और बच्चों के साथ रहना मुश्किल हो जाता है. रेल प्रबंधन ध्यान नहीं दे रहा है. कई बार मांग की गयी है. इसके बाद भी पहल नहीं की जा रही है. -

रंजीत कुमार, रेल कर्मचारी

मेरे पति रेलवे में कार्यरत हैं. शनिवार की बारिश में पूरा घर पानी से भर गया. ऐसे हालात में घर में रहना बेहद मुश्किल हो जाता है. रेलवे प्रशासन को इस समस्या का स्थायी समाधान करना चाहिए. -

प्रशांत कुमार मंडल की पत्नी

क्या कहते हैं विधायक व सांसद

भोर करीब चार बजे मुझे एक महिला ने फोन पर जलजमाव की जानकारी दी. तत्काल कार्यकर्ताओं को मौके पर भेजकर स्थिति की जानकारी ली गयी. इस मामले में एसडीओ की अध्यक्षता में रेलवे अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक कर स्थायी समाधान की दिशा में पहल की जायेगी.

सोमेश चंद्र सोरेन, विधायक, घाटशिला

रेलवे कॉलोनी और बिहारी कॉलोनी में जलजमाव के मामले पर खड़गपुर मंडल के डीआरएम से बात करुंगा. जरूरत पड़ने पर इसे बैठक में भी उठाया जायेगा. रेलवे जब नये क्वार्टर बना रहा है तो जलनिकासी की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी चाहिए.

विद्युत वरण महतो, सांसद


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Author: Mdparwez

Published by: Priya Gupta

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