घाटशिला : दामपाड़ा के काडाडूबा तालाब के जीर्णोद्धार की तैयारी, विभाग बना रहा डीपीआर

Ghatsila News: घाटशिला के दामपाड़ा स्थित 15 दशक पुराने काडाडूबा तालाब के जीर्णोद्धार की दिशा में पहल शुरू हो गई है. ग्रामीणों की दो दशक पुरानी मांग पर विभाग ने निरीक्षण कर डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

घाटशिला से ललन सिंह की रिपोर्ट 

Ghatsila News: पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला प्रखंड के दामपाड़ा क्षेत्र स्थित 15 दशक पुराना चर्चित काडाडूबा तालाब के जीर्णोद्धार की दिशा में पहल शुरू हो गयी है. लगभग 12 एकड़ में फैले इस तालाब के पुनरुद्धार के लिए ग्रामीणों की दो दशक पुरानी मांग पर अब जल संसाधन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है. विभागीय अधिकारियों ने स्थल निरीक्षण कर डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

तालाब के जीर्णोद्धार के लिए बन रहा डीपीआर

जानकारी के अनुसार, काडाडूबा, बांधडीह, लेदा समेत आसपास के गांवों के ग्रामीण तथा किसान लगभग 250 अकड़ में खेती करते है. इसे लेकर काड़ाडूबा के ग्रामीण ग्रामसभा से प्रस्ताव पारित कर जल संसाधन विभाग, लघु सिंचाई प्रमंडल, जमशेदपुर को ज्ञापन सौंपा था. इसके बाद सहायक अभियंता पंकज कुमार और कनीय अभियंता सूरज सुंडी ने तालाब का निरीक्षण किया. कनीय अभियंता सूरज सुंडी ने बताया कि जल उपभोक्ता समिति और ग्रामसभा की अनुशंसा के आधार पर निरीक्षण किया गया है तथा तालाब के जीर्णोद्धार के लिए डीपीआर तैयार किया जा रहा है.

250 एकड़ तक कृषि भूमि को मिलेगा सिंचाई लाभ

ग्रामीणों का कहना है कि यह तालाब क्षेत्र की कृषि व्यवस्था की रीढ़ है. इसके पानी से लगभग 200 से 250 एकड़ कृषि भूमि में खेती होती है. बरसात के बाद भी यदि तालाब का संरक्षण और गहरीकरण हो जाए तो किसानों को वर्षभर सिंचाई सुविधा मिल सकती है. जल उपभोक्ता समिति के सदस्य सुधांशु भक्त, मुकुंद सीट, शंकर पात्रो, ननी गोपाल मान्ना, अमित बीसई, बसंत कुमार पाल, दीपेश मन्ना, गोवर्धन मन्ना, अनिल कुमार मन्ना, शंकर सीट समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने ग्रामसभा में तालाब के जीर्णोद्धार के प्रस्ताव का समर्थन किया था.

क्या कहते हैं ग्राम प्रधान और ग्रामीण

  • कालीपदो पाल, जल उपभोक्ता समिति के अध्यक्ष एवं ग्राम प्रधान कहते हैं कि ग्रामसभा से प्रस्ताव पारित कर विभाग को सौंपा गया था. लगभग 20 वर्षों से ग्रामीण इस तालाब के जीर्णोद्धार की मांग कर रहे थे. विभागीय अधिकारियों ने निरीक्षण कर सकारात्मक आश्वासन दिया है. तालाब का जीर्णोद्धार होने से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी. 
  • भागीरथ पाल, जल उपभोक्ता समिति के सचिव कहते हैं कि इस तालाब के पुनरुद्धार से आसपास के किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा मिलेगी. लगभग ढाई सौ एकड़ भूमि में खेती को लाभ होगा. साथ ही मत्स्य पालन को बढ़ावा मिलने से ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे.
  • सरोज पाल, जल उपभोक्ता समिति के उपाध्यक्ष कहते हैं कि इस क्षेत्र के आसपास के करीब 10 गांवों के किसान इस तालाब पर निर्भर हैं. जीर्णोद्धार होने से खेती के साथ-साथ मत्स्य पालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.

क्या कहते हैं विभागीय पदाधिकारी?

सूरज सुंडी, जल संसाधन विभाग (लघु सिंचाई), जमशेदपुर के कनीय अभियंता कहते हैं कि काडाडूबा तालाब का विभागीय स्तर पर निरीक्षण किया गया है, जिसमें सहायक अभियंता पंकज कुमार भी शामिल थे. ग्रामीणों द्वारा ग्रामसभा से पारित प्रस्ताव एवं आवेदन प्राप्त होने के बाद स्थल का निरीक्षण किया गया. तालाब के जीर्णोद्धार के लिए डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है. 

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लेखक के बारे में

By Priya gupta

प्रिया गुप्ता प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. फिलहाल वह झारखंड से जुड़ी खबरों पर काम करती हैं, जिनमें सरकारी योजनाएं, प्रमुख घटनाएं, सामाजिक मुद्दे और अन्य महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं. इससे पहले वह लाइफस्टाइल डेस्क पर फैशन, हेल्थ, रिलेशनशिप, पैरेंटिंग और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर लेख लिख चुकी हैं. प्रिया ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से स्नातक और अमिटी यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री हासिल की है.

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