संवाददाता, गालूडीह
सुवर्णरेखा परियोजना के गालूडीह बराज के 18 में से 2 गेट अधिक खोल कर से मंगलवार सुबह नदी की पूर्व दिशा में प्रति सेकेंड 1200 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है. इससे गालूडीह से बहरागोड़ा तक सुवर्णरेखा नदी उफना गयी है. परियोजना के पदाधिकारी लगातार डैम के सायरण बजाकर पानी छोड़ रहे हैं. नदी तटवर्ती गांवों को अलर्ट भी कर रहे हैं. मछुआरों को नदी में जाने से रोका जा रहा है. हालांकि डैम के ऊपर से जाल में लंबी रस्सी लगाकर मछुआरे मछली पकड़ने में जुटे हैं. कुछ मछुआरे नदी तट पर खड़े होकर जाल फेंक कर मछली पकड़ रहे हैं. डैम के 16 गेट बंद है. इससे डैम के पश्चिम दिशा में 93 मीटर आरएल पानी स्टोर है. इसी डैम से मुख्य दायीं नहर में प्रति सेकेंड 70 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा, जो दायी नहर के माध्यम से बंहकर ओड़िशा जा रहा है. जहां किसान नहर के पानी से धान की सिंचाई कर रहे हैं.
सोमवार रात भर बारिश से जल स्तर बढ़ासोमवार रात भर क्षेत्र में बारिश हुई. मंगलवार को दिन भर रूक-रूक कर बारिश होती रही. इससे नदी का जल स्तर बढ़ने से डैम से नदी में पानी छोड़ने की मात्रा बढ़ाई गयी. .यहीं कारण है कि नदी उफान पर है. डैम में पानी रोकने और छोड़ने के दृश्य को देखने के लिए पर्यटक भी पहुंच रहे हैं.
