घाटशिला. घाटशिला कॉलेज में शुक्रवार को भौतिकी विभाग सेमेस्टर-वन के विद्यार्थियों के लिए सूर्य और चंद्र ग्रहण विषय पर विशेष कक्षा आयोजित हुई. इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को ग्रहण के वैज्ञानिक कारण, उनसे जुड़ीं भ्रांतियां और अंधविश्वास के बारे में बताया गया. कक्षा का संचालन डॉ कन्हाई बारिक ने किया. बताया गया कि चंद्रग्रहण केवल पूर्णिमा को और सूर्यग्रहण केवल अमावस्या को होता है. हालांकि, हर पूर्णिमा व अमावस्या को नहीं होता है. इसका कारण पृथ्वी और चंद्रमा की कक्षाएं हैं. उन्होंने ग्रहण ऋतुओं, उनकी आवृत्ति और सूर्य-चंद्र ग्रहण के बीच संबंध को सरल तरीके से समझाया. डॉ बारिक ने विद्यार्थियों को समझाया कि ग्रहण के दौरान कोई हानिकारक विकिरण नहीं निकलता है, न भोजन जहरीला होता है. गर्भवती महिलाओं पर प्रभाव जैसे अंधविश्वास को भी वैज्ञानिक तथ्यों से खारिज किया है. उन्होंने छात्रों को सुरक्षित रूप से सूर्य ग्रहण देखने की विधि बतायी. मौके पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ पीके गुप्ता ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों में वैज्ञानिक सोच और जिज्ञासा को बढ़ावा देते हैं. उन्होंने विद्यार्थियों से समाज में फैल रहीं भ्रांतियों को तर्क के आधार पर दूर करने का आह्वान किया.
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