प्रतिनिधि, चाकुलिया
झारखंड-ओडिशा सीमावर्ती क्षेत्रों में जंगली हाथियों का तांडव थम नहीं रहा है. वर्ष 2026 में हाथियों के हमले से मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है. सोमवार में कालियाम पंचायत के कालियाम गांव में हाथी के हमले से 60 वर्षीय अनिल महतो की मौत हो गयी. इस वर्ष हाथी के हमलों में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गयी है. लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ने लगी है. वन विभाग के खिलाफ गहरा आक्रोश है. विदित हो कि इस वर्ष यानी 2026 की शुरुआत से हाथियों का आतंक चरम पर रहा है.
ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ीलगातार हो रही इन मौतों ने ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ा दी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि वन विभाग की नाकामी के कारण जंगली हाथी रिहायशी इलाकों में बेखौफ घूम रहे हैं. हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर नये प्रावधानों के तहत अब मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजा और चार वर्षों तक प्रतिमाह 2,000 रुपये सहयोग राशि देने का प्रावधान किया गया है, लेकिन ग्रामीणों की मांग है कि मुआवजे से ज्यादा हाथियों के स्थायी स्थायी ठहराव और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये जायें ताकि इस खौफ के साये से मुक्ति मिल सके.
इस साल हाथियों के कारण गयी जान
4 फरवरी : सरडीहा पंचायत स्थित बांकशोल निवासी खगेन हेंब्रम की पाकुड़िया में हाथी के हमले से मौत हो गयी.
4 मई : चौठिया निवासी दुलारी मुर्मू को अपने घर के समीप हाथी के हमले में जान गंवानी पड़ी.
6 जून: पश्चिम बंगाल के चंदुवा निवासी निर्मल महतो की चाकुलिया हवाई पट्टी के पास हाथी के हमले में जान चली गयी.
15 जून: भालुकबिंधा में पश्चिम बंगाल के रहने वाले रेलकर्मी संजीव सिन्हा की हाथी के कुचलने से मौत हो गयी.
27 जुलाई: कालियाम गांव निवासी अनिल महतो की मौत हो गयी.
हाथी से मौत होने पर आश्रित को 10 लाख का मुआवजा और चार वर्षों तक हर माह 2000 रुपये मिलेंगे : समीर
बहरागोड़ा विधायक समीर मोहंती ने वन विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीकी से दूरभाष पर बात कर मुआवजे के नये प्रावधानों की जानकारी ली. सचिव ने बताया कि मृतक अनिल महतो के परिजनों को नये नियमों के मुताबिक 10 लाख रुपये मुआवजा दिया जायेगा. इसके साथ अगले 4 वर्षों तक प्रतिमाह 2,000 रुपये की सहयोग राशि मृतक की पत्नी को प्रदान की जायेगी. विधायक ने कहा कि पहले हाथी के हमले में मौत पर 4 लाख रुपये मिलते थे, परंतु झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने इसे बढ़ाकर अब 10 लाख रुपये कर दिया है. उन्होंने कहा कि जीवन अनमोल है. जंगली हाथियों को सुरक्षित ठिकाने तक पहुंचाने के लिए वन विभाग के साथ मिलकर ठोस कदम उठाये जायेंगे.
