East Singhbhum News : घाटशिला में आंधी-बारिश से 20 घंटे बिजली गुल, जलापूर्ति ठप, रमजान में परेशान रहे रोजेदार

गालूडीह क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था चरमरायी, बिजली विभाग के कर्मचारी दिनभर व्यवस्था दुरुस्त करने में लगे रहे

घाटशिला/गालूडीह. घाटशिला और गालूडीह में सोमवार (17 मार्च) की शाम करीब पांच बजे आयी आंधी-बारिश से बिजली व्यवस्था चरमरा गयी. घाटशिला प्रखंड में करीब 20 घंटे ब्लैक आउट रहा. मंगलवार की दोपहर एक बजे के बाद कुछ इलाकों में बिजली बहाल हुई. इसके बाद भी आती-जाती रही. शाम चार बजे के बाद बिजली सुचारू रूप से कुछ इलाकों में बहाल हो पायी. बिजली नहीं रहने रहने मंगलवार की सुबह से दोपहर तक जलापूर्ति ठप रही. गालूडीह, फूलपाल, घाटशिला, मऊभंडार आदि जगहों के लोग परेशान रहे. रमजान में रोजेदार पानी से लिए परेशान रहे. बिजली संचालित सभी काम ठप पड़ गये. गालूडीह और घाटशिला के शहरी इलाके में अधिकतर परिवार पाइप लाइन से जलापूर्ति के भरोसे हैं. बिजली नहीं रहने से पानी मिलना मुश्किल हो जाता है.

15-20 खंभे गिरे, जगह-जगह तार पर पेड़ की डाली गिरी

दरअसल, आंधी-बारिश से 33 हजार वोल्ट के तारों में कई जगह गड़बड़ी आ गयी. आंधी से करीब 15 से 20 खंभे गिर गये. कई जगह बिजली के तार टूट गये. कई जगहों पर पेड़ की डाली गिरने से तार टूट गये. शाम से बिजली विभाग के कर्मी दुरुस्त करने में जुटे थे. मंगलवार दिन भर काम चलता रहा.

जल्द सेवा सामान्य रूप से बहाल होगी

आंधी-तूफान के कारण कई जगहों पर पेड़ और शाखाएं गिरने से विद्युत सेवा बाधित हुई. कीताडीह में 33 केवी लाइन बहाल कर दी गयी है. मंगलवार शाम या अधिकतम बुधवार सुबह तक विद्युत आपूर्ति पूरी तरह सामान्य रूप से बहाल कर दी जायेगी. घाटशिला शहर में बिजली बहाल कर दी गयी है. गालूडीह और दामपाड़ा में विद्युत सेवा सुचारू रूप से शुरू नहीं हो पायी है. विद्युत विभाग की टीम युद्ध स्तर पर काम कर रही है.

– अभिषेक कुमार, सहायक अभियंता, घाटशिला विद्युत विभाग

आंधी में स्कूल का छप्पर उड़ा, कक्षाएं बाधित

गालूडीह. घाटशिला प्रखंड में सोमवार की शाम आंधी-बारिश से रुआम शांखोडीह में मालती मार्डी अंग्रेजी माध्यम स्कूल के छप्पर (एस्बेस्टस) उड़ गये. एस्बेस्टस टूट कर कक्षाओं में में गिर गये. छप्पर उड़ने से स्कूल पूरी तरह खुला हो गया है. हालांकि घटना के वक्त स्कूल बंद था. इससे अनहोनी नहीं घटी. छप्पर उड़ने से मंगलवार को कक्षाएं बाधित रहीं. स्कूल संचालक सुनील राय ने बताया कि आंधी-तूफान से स्कूल को काफी नुकसान हुआ है. स्कूल की छत उड़ने से कई तरह की परेशानी खड़ी हो गयी है. जब तक छप्पर दुरुस्त नहीं होता है, तब तक कक्षाएं चलाने में मुश्किल होगी. इससे विद्यार्थियों और शिक्षकों की परेशानी बढ़ जायेगी.

केशरपुर में घर का छप्पर उड़ा, खुले आकाश के नीचे आया परिवार

दारीसाई क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र की रिपोर्ट : 18.2 मिलीमीटर बारिश हुई. 3.45 किमी/ घंटा की गति से चली हवा

सोमवार की शाम आंधी-बारिश से बाघुड़िया पंचायत के केशरपुर गांव में गुरुदास सोरेन के घर में लगे 15 एस्बेस्टस उड़ गये. उक्त परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को विवश हैं. गुरुदास सोरेन ने बताया कि आंधी-तूफान के समय अपने परिवार के साथ घर में थे. परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित हैं. घर में रखे धान, चावल, आटा और कपड़े भीग गये. समस्या को देखते हुए बाघुड़िया पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि सुनील सिंह ने पीड़ित परिवार को तत्काल तिरपाल उपलब्ध कराया. पीड़ित परिवार ने सीओ से आपदा राहत कोष से सहायता राशि मुहैया कराने की मांग की है.

गालूडीह में पुआल व खपरैल के घरों को नुकसान

गालूडीह क्षेत्र में आंधी से पुआल, खपरैल और एस्बेस्टस के घरों को नुकसान हुआ है. वैसे घर ज्यादा प्रभावित हुए हैं, जो खुले में हैं. हवा के झोंकों से घर के छप्पर उड़ गये. कहीं ज्यादा तो कहीं आंशिक क्षति हुई है.

आम, तरबूज व सब्जियों को नुकसान

इस बार आम के पेड़ों में काफी मंजर (मंजरी) हुए थे. अधिकतर पेड़ों में फल निकलने लगे थे. इस आंधी से आम के फल झड़ कर बर्बाद हो गये. वहीं ओला वृष्टि से तरबूज, खीरा, ककड़ी, टमाटर समेत अन्य सब्जियों की खेती को नुकसान हुआ है. जहां ओला वृष्टि नहीं हुई, वहां नुकसान नहीं हुआ. किसानों ने कहा कि बारिश का पानी लाभ देगा. ओलावृष्टि से नुकसान होगा.

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Author: AVINASH JHA

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