east singhbhum news: गरीबों के हक के अनाज में कटौती, नाराज कार्डधारियों ने की जांच की मांग

गुड़ाबांदा प्रखंड में नेटवर्क की भी गंभीर समस्या, इ पोस मशीन नहीं करता है काम

गुड़ाबांदा प्रखंड में नेटवर्क की भी गंभीर समस्या, इ पोस मशीन नहीं करता है कामगुड़ाबांदा . गुड़ाबांदा प्रखंड की जन वितरण प्रणाली व्यवस्था के प्रति लाभुकों में रोष है. लाभुकों का आरोप है कि राशन डीलर राशन की कटौती कर रहे हैं. यहां की जविप्र दुकान फेयर प्राइस शॉप डीलर एसोसिएशन गुड़ाबांदा प्रखंड कमेटी द्वारा संचालित होती है. प्रखंड में लगभग 33 पीडीएस दुकानें हैं, जिनमें से पीएच 7480, अंतोदय 2593 तथा ग्रीन कार्ड 582 हैं. हर माह 2000 क्विंटल सभी 33 पीडीएस दुकानदारों को चावल और गेहूं आवंटित होता है. प्रत्येक माह कार्ड बढ़ता- घटता है. कार्डधारियों के अनुसार माह में एक या दो किलो के हिसाब से कोई- कोई राशन दुकानदार अनाज की कटौती करता है. अनाज कटौती का कारण क्या है, यह कोई खुल कर नहीं बताता है पर डीलरों का मानना है कि गोदाम से दुकान तक राशन लाने में अनाज घटता है. भाड़ा भी सरकार की ओर से समय पर नहीं मिलता. इसके कारण कुछ कटौती कर भरपायी की जाती है. हालांकि पीडीएस दुकानदारों का कहना है कि वे लोग कटौती नहीं करते. वहीं नेटवर्क की समस्या के कारण भी लाभुकों को समय पर राशन नहीं मिलता.

डाकिया योजना फेल

प्रखंड क्षेत्र में डाकिया योजना की अनदेखी की जा रही है. प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी को आदिम जनजाति के घरों तक राशन पहुंचाने का जिम्मा सौंपा गया है. लेकिन सभी सबर बस्तियों में राशन नहीं पहुंचाया जाता है. ज्वालकांटा सबर टोला के प्रधान सुकरा सबर का कहना है उन्हें आज तक कोई राशन नहीं पहुंचाया है. आदिम जनजाति को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलता.

गुड़ाबांदा का लाभुक और राशन दुकान जुगसलाई में

बालीजुड़ी पंचायत के बेड़ापाल गांव के छह राशन कार्डधारियों का दो साल से राशन कार्ड जुगसलाई के जविप्र दुकानदार समी अहमद के पास स्थानांतरित है. दो फरवरी 2023 को ही पदाधिकारी से इससे संबंधित फरियाद की गयी, लेकिन अभी तक समाधान नही हुआ है. इस संबंध में कार्डधारियों ने जिला और प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी को लिखित शिकायत भी की, पर कोई हल नहीं निकला. वर्तमान में राशन कार्ड धारकों की मांग है राशन दुकानदार सालखान हांसदा के पास पुनः स्थानांतरित किया जाय. ताकि राशन का उठाव कर सके.

लाभुकों का आरोप, रेरुआ के डीलर पंचिंग करा नहीं देते राशन

लाभुकों का आरोप है कि रेरुआ गांव के राशन डीलर पंचिंग करा लेने के बाद भी राशन नहीं देते. नियम के अनुसार ई-पॉस मशीन मे अंगूठे की पंचिंग और अनाज एक साथ तौला जाय तभी भुगतान सफल होता है. परंतु दुकानदार पितांबर सोरेन अनाज की जगह बटखरा अथवा पत्थर रखकर कार्डधारीयों को पंचिंग करा रहा है. डीलर के पास 479 कार्डधारी हैं. ग्रामीण सुशील हांसदा, सुपाई सोरेन, सेन धीवर, घासी धीवर, चितो धीवर आदि कार्डधारियों ने राशन डीलर द्वारा की जा रही गड़बड़ी का विरोध किया है. पहले भी कई बार अनियमितता को लेकर शिकायत की गयी. पर कोई कार्रवाई नहीं हुई.

——————————————

राशन में कटौती की की शिकायत कई बार आयी है. इसको सुधार भी किया गया है. बाबजूद इस तरह करना बहुत गंभीर विषय है. आपूर्ति विभाग मामलेकी जांच करेगा.

डांगुर कोड़ाह, बीडीओ, गुड़ाबांदा

————————————-अगर राशन दुकानदार राशन कटौती करता है तो संबंधित अधिकारी को जांच कर करवाई करने की जरूरत है.

रतन लाल राउत, उप प्रमुख, गुड़ाबांदा

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: DEVENDRA KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >