प्रतिनिधि, चाकुलिया
पोटका और पटमदा क्षेत्र में मलेरिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए चाकुलिया प्रखंड में भी बड़े पैमाने पर मलेरिया जांच अभियान चलाया जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग की मुस्तैदी का असर है कि पिछले 20 दिनों में प्रखंड के 11,372 लोगों की मलेरिया जांच की जा चुकी है. इस अभियान में एमपीडब्ल्यू और सहिया समेत पूरी स्वास्थ्य टीम जुटी हुई है. हर दिन औसतन एक हजार से अधिक लोगों की जांच हो रही है. इसी क्रम में शनिवार को विभिन्न गांवों में 1293 लोगों के रक्त के नमूने लिए गए. जिनमें एक मरीज मलेरिया पॉजिटिव पाया गया. पिछले 20 दिनों में कुल 16 लोग मलेरिया संक्रमित मिले हैं. राहत की बात यह है कि समय पर पहचान होने से सभी 16 मरीजों का सही इलाज हुआ और वे अब पूरी तरह स्वस्थ हैं.
बारिश के साथ डेंगू का खतरा, सोमवार को रणनीति बैठक
मौसम में बदलाव और बारिश शुरू होने से अब क्षेत्र में डेंगू पैर न पसारे, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है. 'प्रभात खबर' की पड़ताल में सामने आया कि चाकुलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को फिलहाल विभाग की ओर से ब्लीचिंग पाउडर उपलब्ध नहीं कराया गया है. इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रंजीत मुर्मू ने बताया कि सोमवार को ''हॉस्पिटल मैनेजमेंट समिति'' की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलायी गयी है. बैठक में डेंगू से निपटने की अग्रिम रणनीति तैयार की जायेगी और समिति के माध्यम से प्रस्ताव पारित कर ब्लीचिंग पाउडर की व्यवस्था की जायेगी, ताकि ग्रामीण इलाकों में इसका छिड़काव कराया जा सके. लोगों को जागरूक करने का काम अभी से ही शुरू कर दिया गया है.
नगर पंचायत को जारी की गई एडवाइजरी
शहरी और आस-पास के क्षेत्रों में सुरक्षा के लिए डॉ. रंजीत मुर्मू ने नगर पंचायत प्रशासन से संपर्क साधा है. उन्होंने नगर पंचायत को पत्र लिखकर वार्डों में नियमित फॉगिंग कराने, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करने, रास्तों के किनारे उगी झाड़ियों की सफाई कराने और कहीं भी जलजमाव न होने देने की सलाह दी है.
