East Singhbhum News : 34 साल बाद दूसरी बार हो रहा उपचुनाव

फ्लैश बैक : घाटशिला में वर्ष 1991 में सूर्य सिंह बेसरा के इस्तीफा के बाद पहली बार हुआ था उपचुनाव

घाटशिला. घाटशिला विधानसभा सीट पर 34 साल बाद उप चुनाव हो रहा है. इस बार 11 नवंबर, 2025 को मतदान होगा. घाटशिला सीट पर पहली बार उपचुनाव आजसू नेता सूर्यसिंह बेसरा के इस्तीफे के बाद वर्ष 1991 में हुआ था. अब रामदास सोरेन के निधन के बाद दूसरी बार उप चुनाव होगा. दरअसल, मार्च 1990 के विधानसभा चुनाव में आजसू के टिकट पर सूर्य सिंह बेसरा घाटशिला से जीते थे. सूर्य सिंह बेसरा ने अलग झारखंड राज्य की मांग पर 12 अगस्त, 1991 को विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था. सूर्य सिंह बेसरा महज 1 साल 5 माह तक विधायक रहे थे. सूर्य सिंह बेसरा ने प्रभात खबर को बताया कि तब झारखंड अलग राज्य का आंदोलन जोर पकड़ रहा था. मैंने विधान सभा में अलग राज्य की मांग उठायी. नहीं सुने जाने पर अपने विधायक पद से 12 अगस्त 1991 को इस्तीफा दे दिया, इसलिए मुझे आधी पेंशन प्रति माह 70 हजार मिलती है. वर्तमान में विधायकों की पेंशन डेढ़ लाख रुपये है.

1991 के उप चुनाव में सीपीआइ के टीकाराम को मिली थी जीत

वर्ष 1991 में सूर्य सिंह बेसरा के इस्तीफा के छह माह के अंदर घाटशिला में उपचुनाव में हुआ था. इसमें सीपीआइ के टीकाराम मांझी चुनाव जीते थे. इस उपचुनाव में सूर्य सिंह बेसरा खड़े नहीं हुए थे. सूर्य सिंह बेसरा ने बताया कि उन्होंने टीकाराम मांझी को समर्थन दिया और उन्हें जीताने का काम किया था.

रामदास सोरेन के निधन से खाली हुई सीट:

2025 में विधायक सह कैबिनेट मंत्री रामदास सोरेन के निधन से सीट खाली है. वे महज नौ माह तक विधायक रहे. अब उपचुनाव की विभागीय प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. जानकारी हो कि 13 नवंबर, 2024 को विधानसभा चुनाव हुआ था. 23 नवंबर, 2024 को परिणाम आया था. झामुमो उम्मीदवार रहे रामदास सोरेन भाजपा के बाबूलाल सोरेन को 22446 मतों से हराकर विधायक बने थे.

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By ATUL PATHAK

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