गुड़ाबांदा के तेतुलडांगा जाहेरथान में बाहा बोंगा, मांदर व धमसे की थाप पर झूमा आदिवासी समाज

महिलाओं अपने जुड़े में सखुआ फूल लगाया, तो पुरुषों ने कान में लगाया. पूजा स्थल पर बने मंडप पर महिला, युवती व पुरुषों ने संताली संगीत के साथ नृत्य किया.

गुड़ाबांदा. गुड़ाबांदा प्रखंड की मुड़ाकाटी पंचायत स्थित तेतुलडांगा गांव में मंगलवार को बाहा बोंगा (सरहूल) पर्व धूमधाम से मनाया गया. यहां धमसा और मांदर की थाप पर आदिवासी समाज ने बाहा नृत्य किया. मौके पर झामुमो के प्रखंड अध्यक्ष असित मिश्रा, गोपन परिहारी आदि शामिल हुए. असित मिश्रा ने कहा कि प्रकृति के प्रति आदिवासी समाज की आस्था अटूट है. इसके पहले आदिवासियों ने संताली रीति-रिवाज के अनुसार जाहेरथान में प्रकृति की पूजा-अर्चना की. क्षेत्र की सुख, शांति व समृद्धि की कामना की. सखुआ फूल का वितरण किया. महिलाओं अपने जुड़े में सखुआ फूल लगाया, तो पुरुषों ने कान में लगाया. पूजा स्थल पर बने मंडप पर महिला, युवती व पुरुषों ने संताली संगीत के साथ नृत्य किया. समाज के लोगों ने बताया कि यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है. आदिवासी समाज पानी व फूल से होली खेलता है. आदिवासी प्रकृति के पुजारी हैं. ग्रामीणों ने कहा कि जाहेरथान में मन्नत पूरी होती है. मौके पर शलेंद्र बास्के, पद्मलोचन बेरा, साहेब राम सोरेन, रोमाई टुडू समेत अनेक ग्रामीण उपस्थित थे.

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Author: AVINASH JHA

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