धालभूमगढ़ : शादी कर नाबालिग को घर लाया, संस्था ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर लड़की को पिता के घर भेजा

चुकरीपाड़ा के 19 वर्षीय युवक ने जादूगोड़ा की 16 वर्षीय लड़की से शादी की

धालभूमगढ़. धालभूमगढ़ व डुमरिया प्रखंड में समाजसेवी संस्था कला मंदिर, कैलाश सत्यार्थी फाउंडेशन बाल अधिकार, बाल सुरक्षा और बाल विवाह रोकथाम पर काम कर रही है. संस्था ने शुक्रवार को धालभूमगढ़ प्रखंड के पानीजिया गांव में बाल विवाह को रोका. दरअसल, चुकरीपाड़ा पंचायत के पानीजिया गांव निवासी 19 वर्षीय युवक ने बुधवार को जादूगोड़ा के बांधडीह गांव से 16 वर्षीय नाबालिग को शादी कर घर लाया. इसकी जानकारी धालभूमगढ़ के प्रखंड समन्वयक लखन बेसरा को मिली. उन्होंने पानीजिया गांव के ग्राम प्रधान कमलकांत गोप और गांव के लोगों के साथ मिलकर लड़का और लड़की दोनों पक्ष की बैठक बुलायी. दोनों पक्षों को समझाया. बताया गया कि जबतक लड़के की उम्र 21 वर्ष और लड़की की उम्र 18 वर्ष नहीं हो जाती है, तबतक दोनों की शादी नहीं हो सकती है. अभी लड़की और लड़का साथ नहीं रहेंगे. लड़की फिलहाल माता-पिता के साथ रहेगी. अपनी पढ़ाई जारी रखेगी. शादी की उम्र होगी, तब दोनों की रीति रिवाज से शादी करायी जायेगी. दोनों पक्षों में सहमति बनी. एक सहमति पत्र बनाकर दोनों पक्षों से हस्ताक्षर कराकर लड़की को उनके माता-पिता के साथ गांव भेजा गया. इस बाल विवाह को रोकने में गांव के ग्राम प्रधान की अहम भूमिका रही.

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