East Singhbhum News : पेसा नियमावली में ग्रामसभा की शक्तियां हुईं कमजोर : महाल
पावड़ा. माझी परगना महाल ने पेसा कानून पर आपत्ति जतायी
घाटशिला. घाटशिला के पावड़ा स्थित माझी परगना महाल में रविवार को देश परगना बाबा बैजू मुर्मू की अध्यक्षता में परगना बाबा माझी बाबा व समाज के प्रतिनिधियों की बैठक हुई. बैठक का मुख्य विषय पेसा नियमावली 2025 पर विस्तृत चर्चा रहा. माझी परगना ने पेसा कानून लागू करने पर राज्य सरकार को धन्यवाद दिया, इसे ग्राम सभा को अधिकार प्रदान करने का ऐतिहासिक कदम बताया. केंद्रीय पेसा कानून 1996 के 29 वर्ष बाद यह उपलब्धि आदिवासी समाज में उत्साह का विषय बनी. हालांकि, नियमावली 2025 के प्रारूप पर कड़ी आपत्तियां जतायी गयी. कहा गया कि यह मूल पेसा कानून 1996 के अनुरूप नहीं है. नियमावली में ग्रामसभा की शक्तियों को कमजोर किया गया, आदिवासी हितों की अनदेखी हुई और कई त्रुटियां हैं. पंचायत व्यवस्था व जिला प्रशासन को अतिरिक्त अधिकार देकर आदिवासी अधिकारों का हनन किया गया. माझी परगना ने मांग की है की सरकार नियमावली में सुधार करे, पुलिस कार्रवाई से पूर्व ग्राम सभा की अनुमति ले, पेसा नियमावली में संशोधन के लिए 10 सदस्यीय समिति गठित हो, जो देश परगना बाबा के नेतृत्व में संशोधन प्रस्ताव तैयार कर मुख्यमंत्री, आदिवासी कल्याण मंत्री, पंचायती राज मंत्री व संबंधित सचिवों से मिलेगी. बैठक में पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजाति विश्वविद्यालय को जमशेदपुर में संचालन के लिए पद सृजन के सरकारी फैसले का आभार व्यक्त किया. मौके पर हरिपद मुर्मू, दासमत हांसदा, बैजू टुडू, पुंता मुर्मू, पद्मावती हेंब्रम, लखन मार्डी, दुर्गा चरण मुर्मू, विरेन टुडू, मार्शल मुर्मू, छोटा भुजांग टुडू, शत्रुघन मुर्मू, सुशांत हेंब्रम, सुकुमार सोरेन, कारु मुर्मू, जगदीश बास्के, गनसाराम टुडू, मानिक हांसदा, अधिपति माडी, श्याम टुडू, बैधनाथ सोरेन, जितराई किस्कू, सुनाराम सोरेन, कामेश्वर सोरेन, रातुलाल टुडू, सुबोध हांसदा, सुनील हेंम्ब्र आदि उपस्थित थे.
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