East Singhbhum News : घाटशिला में पांच दिनों में 57.7 मिमी बारिश, आंधी में आम के मंजर को नुकसान

शनिवार की सुबह 10 बजे तक हुई बारिश, घर से कम निकले लोग

घाटशिला. घाटशिला प्रखंड और आसपास में शनिवार सुबह करीब साढ़े चार बजे से 10 बजे तक हुई बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. लोग घरों में रहे. सड़कों पर सन्नाटा छाया रहा. घाटशिला, फूलडुंगरी, गालूडीह और आस पास के क्षेत्रों में बहुत कम लोग नजर आये. कुछ लोग छाते के सहारे बाजार में खरीदारी करते दिखे. दुकानदारों का कहना है कि बारिश के कारण ग्राहकों की संख्या कम रही.

प्रखंड मुख्यालय में लगे वर्षा मापक यंत्र के अनुसार, 18 मार्च से 22 मार्च तक कुल 57.7 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गयी है. 18 मार्च को आंधी-तूफान के साथ बारिश हुई थी, 19 मार्च को 19.24 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गयी, 21 मार्च को 6.4 मिमी और 22 मार्च को 26.7 मिमी बारिश होने का अनुमान है.

सरसों को नुकसान, गेहूं और सब्जियों के लिए फायदा

प्रखंड कृषि प्रभारी अमरनाथ पांडे ने बताया कि बारिश से सरसों की फसल को कुछ नुकसान हुआ है. 90% फसल पहले ही कट चुकी थी. असर सीमित रहेगा. वहीं आम के फलन पर आंधी और बारिश का प्रभाव पड़ा है. कई पेड़ों के मंजर (आम के छोटे फल) गिर गये. उन्होंने बताया कि बारिश आम के लिए लाभदायक भी हो सकता है. गेहूं और हरी सब्जियों के लिए यह बारिश फायदेमंद साबित हो रही है. कुछ हरी सब्जियों खास कर लतर वाली सब्जियों को थोड़ा नुकसान हुआ है.

ईंट भट्ठों पर पड़ा व्यापक असर

लगातार बारिश से क्षेत्र के दर्जनों ईंट भट्ठों पर व्यापक प्रभाव पड़ा है. पहले से तैयार ईंटें पानी गल गयीं. निर्माण कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गया है. कई ईंट भट्ठों के मजदूरों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.

बड़ाकुर्शी में बारिश से बर्बाद हुईं सब्जियां, किसान परेशान

बेमौसम बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचा है. सबसे ज्यादा सब्जी की फसल बर्बाद हुई है. सब्जी की फसल पानी में डूब गयी है. घाटशिला प्रखंड की बड़ाखुर्शी पंचायत के गिधिबिल टोला निवासी किसान हेमंत महतो ने बताया कि उनकी लौकी की खेती पूरी तरह से बर्बाद हो गयी. किसान खेत की मेढ़ काट कर खुद पानी निकालने में जुटे रहे, ताकि फसल को बचाया जा सके. बारिश से लौकी सड़नी शुरू हो गयी है. किसान को बारिश से काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है. हालांकि, कृषि वैज्ञानिकों ने कहा कि अब मौसम साफ हो गया है. खेत में जमा पानी किसान मेढ़ काट कर बहा दें. धूप निकलने पर फसल को नुकसान नहीं होगा. हां रोग का प्रकोप बढ़ सकता है. मौसम खुलते ही दवा का छिड़काव जरूरी होगा. लतर वाली सब्जियों (जो जमीन पर हैं) को नुकसान होने की संभावना है. बाकी सब्जियों को ज्यादा नुकसान नहीं होगा.

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Published by: Avinash jha

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