East Singhbhum News : 14,500 विद्यार्थियों पर मात्र 15 शिक्षक, कैसे मिलेगी गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा

घाटशिला कॉलेज परिसर में प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम आयोजित, विद्यार्थियों ने मुखर होकर रखीं समस्याएं

घाटशिला. घाटशिला महाविद्यालय परिसर की समस्याओं को लेकर गुरुवार को प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम किया गया. इसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने अपनी समस्याएं और राय बेबाकी से रखी. विद्यार्थियों ने कहा कि सबसे बड़ी समस्या शिक्षकों की कमी की है. घाटशिला कॉलेज जनजातीय बहुल इलाके में है. यहां अनुमंडल के साथ पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के विद्यार्थी भी आते हैं. इसका सही से विकास नहीं हुआ. कॉलेज में फिलहाल 14,500 विद्यार्थी हैं. इनकी पढ़ाई के लिए मात्र 15 शिक्षक हैं. कई महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक नहीं हैं. संसाधनों की कमी के चलते शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है. छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने में कठिनाइयां हो रही हैं. विद्यार्थियों ने अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की, ताकि शैक्षणिक स्तर में सुधार हो सके. छात्र-छात्राओं ने कहा कि पीने का पानी व शौचालय है, लेकिन नियमित सफाई नहीं होती है. कॉलेज में बीएड तथा पीजी की पढ़ाई, महिलाओं के लिए छात्रावास, ब्वॉयज कॉमन रूम, सस्ती दर पर कैंटीन, केमिस्ट्री लैब, साइंस लैब की बेहतर व्यवस्था की मांग की. दूर-दराज से आने वाले छात्र-छात्राओं के लिए बस सुविधा उपलब्ध कराने की मांग रखी.

क्या कहते हैं छात्र-छात्राएं

घाटशिला कॉलेज में शैक्षणिक व्यवस्था में कई खामियां हैं. प्रतिदिन कक्षाएं नहीं होती हैं. छात्रावास नहीं होने से दूर-दराज के विद्यार्थियों को काफी परेशानी होती है.

– सोमवारी हांसदा, सेमेस्टर-1 की छात्रा————————–कॉलेज में सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं है. शौचालय मौजूद है, लेकिन उनकी सफाई नहीं होती है. इससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है.

– रीना पूर्तिया, सेमेस्टर-1 की छात्रा—————————-घाटशिला कॉलेज के भवन जर्जर हालत में है. छात्रों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. कॉलेज में पीने के पानी की उचित व्यवस्था नहीं है.

– सुनीता धीवर, सेमेस्टर-1 की छात्रा—————————-घाटशिला कॉलेज में शिक्षकों की भारी कमी है. यहां विषयवार स्थायी शिक्षक नहीं हैं. पढ़ाई प्रभावित होती है. शौचालय और पीने के पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है.

– प्रमीता सोरेन, महाविद्यालय की छात्रा—————————-कॉलेज में विषयवार प्रोफेसर की नियुक्ति जरूरी है, ताकि कक्षाएं नियमित रूप से संचालित हो सके. कॉलेज में बाउंड्री और अन्य बुनियादी सुविधाएं होनी चाहिए.

– प्रकाश महतो, सेमेस्टर-1 के छात्र—————————-घाटशिला कॉलेज में शिक्षकों का अभाव, खासकर साइंस और फिजिक्स विभाग में स्थायी शिक्षक नहीं हैं. वर्ष 2018 से छात्र संघ का चुनाव नहीं हुआ है.

– सुबोध कुमार माहली, सेमेस्टर-6 के छात्र—————————–घाटशिला कॉलेज में पीजी और बीएड की पढ़ाई शुरू की जानी चाहिए. साइंस लैब की स्थिति संतोषजनक नहीं है.बीएससी में स्थायी प्रोफेसर की कमी है.

– कार्तिक रविदास, बीएससी के छात्र—————————-एमएससी की पढ़ाई शुरू कराने को लेकर छात्र लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं. जर्जर भवन को जल्द दुरुस्त करना चाहिए तथा कैंटीन की व्यवस्था होनी चाहिए.

– विवेक महापात्र, महाविद्यालय के छात्र—————————-घाटशिला कॉलेज में सबसे बड़ी समस्या बाहरी लोगों का बेधड़क प्रवेश है. बिना प्राचार्य की अनुमति किसी को भी प्रवेश न मिले. अनुशासन बेहद जरूरी है.

– विकास श्रीवास्तव, कॉलेज के पूर्व छात्र—————————-चाकुलिया और बहरागोड़ा से घाटशिला कॉलेज आने-जाने में विद्यार्थियों को काफी परेशानी होती है. रेलवे पास की सुविधा नहीं मिलने से आर्थिक भार उठाना पड़ता है.

– विनोद मार्डी, कॉलेज के छात्र—————————-कॉलेज में महिला छात्रावास की सुविधा नहीं होने के कारण कई छात्राओं को किराए पर कमरा लेकर रहना पड़ता है. महिला छात्रावास की व्यवस्था की जाये.

– ममता मुर्मू, चाकुलिया के जमुआ निवासी छात्रा—————————-घाटशिला कॉलेज में पीने के पानी, स्वच्छ शौचालय, लाइब्रेरी और विज्ञान प्रयोगशालाओं की स्थिति बेहतर होनी चाहिए. छात्रों के लिए यातायात की सुविधा उपलब्ध कराया जाये.

– अजय साह, कॉलेज के छात्र—————————-बहरागोड़ा से घाटशिला कॉलेज आने-जाने में छात्रों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. कॉलेज के लिए स्पेशल बस की सुविधा होनी चाहिए.

– पुनीता किस्कू, बहरागोड़ा निवासी छात्रा————————————————

कॉलेज को चाहिए 160 शिक्षक : प्राचार्य

घाटशिला कॉलेज के प्राचार्य डॉ आरके चौधरी ने कहा कि कॉलेज प्रशासन लगातार शैक्षणिक और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने का प्रयास कर रहा है. शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को कई बार पत्र लिखा गया है. जल्द ही स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति की उम्मीद है. जर्जर भवन को 15 दिनों के अंदर तोड़ा जायेगा. नये भवन निर्माण के लिए उच्च शिक्षा विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है. उन्होंने बताया कि सन 1961 में कॉलेज का निर्माण किया गया था और 58 विद्यार्थियों से कॉलेज मैं पढ़ाई की शुरुआत की गयी थी. उन्होंने कहा कि 25 विद्यार्थियों में एक शिक्षक होना अनिवार्य है. वर्तमान समय में इस कॉलेज के लिए 160 शिक्षकों की आवश्यकता है.

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Author: AVINASH JHA

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