किसानों को खुले बाजार से खरीदना होगा धान का बीज

बहरागोड़ा में बंद पड़े बीज प्रोसेसिंग केंद्र से किसानों को लाभ नहीं बहरागोड़ा : बहरागोड़ा कृषि प्रधान प्रखंड है, जिसे धान का कटोरा भी कहा जाता है.लेकिन यहां के किसानों का मानना है कि हाल में किसानों के लिए शुरू की गयी पीएम आशीर्वाद एवं सम्मान योजना से उनका भला नहीं हो सकता. उनका कहना […]

बहरागोड़ा में बंद पड़े बीज प्रोसेसिंग केंद्र से किसानों को लाभ नहीं

बहरागोड़ा : बहरागोड़ा कृषि प्रधान प्रखंड है, जिसे धान का कटोरा भी कहा जाता है.लेकिन यहां के किसानों का मानना है कि हाल में किसानों के लिए शुरू की गयी पीएम आशीर्वाद एवं सम्मान योजना से उनका भला नहीं हो सकता. उनका कहना है कि प्रखंड के किसानों ने गरमा धान की कटाई कर ली है तआ अब वे बरसात में खेती की तैयारियों में जुटे हैं.

इसके लिए उन्हें समय पर प्रमाणित धान बीज की जरूरत होगी, खाद और पटवन की व्यवस्था की जरूरत होगी. प्रखंड के किसानों का कहना है कि धान के बीज पर कोई अनुदान उपलब्ध नहीं है. प्रखंड का धान बीज प्रोसेसिंग प्लांट भी किसानों के लिए बेकार ही साबित हुआ.

जानकारी हो कि पाथरघाटा बीज प्रोसेसिंग प्लांट (केंद्र) बंद पड़ा है. इसके अलावा बहरागोड़ा लैंपस में आइसीडीपी के तहत वर्ष 2012-13 में लगभग नौ लाख की लागत से बीज प्रोसेेसिंग यूनिट की स्वीकृति मिली थी. डोमजुड़ी पंचायत के नोटियापाल गांव में सुवर्णरेखा नदी के किनारे इसके लिए विशाल भवन भी बनाया गया था. बीज प्रोसेसिंग मशीन की खरीददारी भी हुई थी.

जो लैंपस में दर्शन की वस्तु बनी रखी हुई है. नदी किनारे प्रोसेसिंग यूनिट को लैंपस परिसर में लगा दिया गया है, जहां पड़े-पड़े मशीन में जंग लग रही है. कार्यशील पूंजी नहीं होने के कारण यह चल नहीं पा रही है, जबकि यहां के किसान आधी-अधूरी व्यवस्था का दंश झेल रहे हैं. आज भी यहां के किसानों को खुले बाजार से धान का बीज खरीदना पड़ रहा है.

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