पांच किमी दूर है बूथ, गांव के वृद्ध नहीं कर पाते वोट
घर से जंगल के रास्ते जाते हैं खड़िकाशोल व महेशडुबा के वोटर... घाटशिला : घाटशिला प्रखंड में 121 बूथ हैं. यहां भदुआ पंचायत के महेशडुबा और खड़िकाशोल के मतदाता वोट डालने पांच किमी दूर भदुआ और खरस्वती बूथ जाते हैं. मतदाता जंगल के रास्ते वोट डालने जाते हैं. महेशडुबा और खड़िकाशोल के मतदाताओं का कहना […]
घर से जंगल के रास्ते जाते हैं खड़िकाशोल व महेशडुबा के वोटर
घाटशिला : घाटशिला प्रखंड में 121 बूथ हैं. यहां भदुआ पंचायत के महेशडुबा और खड़िकाशोल के मतदाता वोट डालने पांच किमी दूर भदुआ और खरस्वती बूथ जाते हैं. मतदाता जंगल के रास्ते वोट डालने जाते हैं. महेशडुबा और खड़िकाशोल के मतदाताओं का कहना है कि खड़िकाशोल और महेशडुबा गांव के पास खड़िकाशोल उत्क्रमित मध्य विद्यालय को बूथ बनाया जाता, तो लाभ होगा.
प्रखंड के महेशडुबा गांव से जंगल के रास्ते से भदुआ 100 नंबर बूथ दक्षिणी भाग पर जाकर मतदान करना पड़ता है. खड़िकाशोल के आशा गोराई, शिबू गोराई और अंजना गोराई ने बताया कि उनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक हो गयी है. पांच किलोमीटर दूरी तय कर मतदान करना मुश्किल है.
कई दशक से बूथ स्थानांतरण की मांग कर रहे ग्रामीण
इस गांव के मतदाता गंगा राम हांसदा, शुरूबाली हांसदा, नीलमनी टुडू, अलादि हांसदा, फुलमनी हांसदा, शुरूबाली हांसदा, पानमुनी हांसदा, आरती हांसदा, साहेब मार्डी, धनंजय मार्डी, चरण हांसदा, लखिया मार्डी ने बताया कि कई दशक से मतदान केंद्र स्थानांतरण की मांग करते आ रहे हैं. इस ओर सरकारी पदाधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया. जंगल के रास्ते होकर मतदान केंद्र जाना पड़ता है. गांव से लगभग ढाई किलोमीटर दूर है. इससे गांव के वृद्ध- वृद्धाओं को केंद्र तक जाने में समस्या उत्पन्न होती है. इससे गांव के वृद्ध-वृद्धाएं मतदान करने नहीं जाते हैं.
35 से 40 प्रतिशत होता है मतदान
खड़िकाशोल के मतदाता 101 नंबर बूथ पर मतदान करने के लिए लगभग 5 किलोमीटर की दूरी तय करते हैं. इस गांव के सपन गोराई, गणेश गोराई, अशोक कुमार, अंजना गोराई, सरस्वती गोराई, सेफाली गोराई, मंगली गोराई, संतरा गोराई, भरत गोराई, मनु गोराई ने बताया कि लंबी दूरी के कारण 35 से 40 प्रतिशत लोग मतदान कर पाते हैं. खड़िकाशोल उत्क्रमित मध्य विद्यालय को मतदान केंद्र बनाया जाता है तो मतदान का प्रतिशत बढ़ेगा.
