हार्डकोर नक्सली उज्ज्वल को जमानत

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में हुई सुनवाई घाटशिला : घाटशिला के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार दुबे की अदालत ने सोमवार को एसटी 394/12 के तहत बंगाल के हार्ड कोर नक्सली जेल में बंद उज्ज्वल सरकार की जमानत याचिका मंजूर कर ली. इस संबंध में गुड़ाबांदा के पुअनि विजय कुमार […]

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में हुई सुनवाई

घाटशिला : घाटशिला के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार दुबे की अदालत ने सोमवार को एसटी 394/12 के तहत बंगाल के हार्ड कोर नक्सली जेल में बंद उज्ज्वल सरकार की जमानत याचिका मंजूर कर ली. इस संबंध में गुड़ाबांदा के पुअनि विजय कुमार के बयान पर दुर्गा चरण पातर, भुगलू सिंह और उज्ज्वल सरकार के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज हुई थी. इस संबंध में गुड़ाबांदा 1/12, दिनांक 29 जनवरी 2012, भादवि की धारा 120 (बी), सीएलए एक्ट की धारा 17 (1) और (11) 10/13 यूएपी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई थी. प्राथमिकी में बताया गया कि 29 जनवरी 2012 को एलआरपी के दौरान जियान गांव के पास आडापाही जंगल स्थित मोरम सड़क पर पुलिस बल को देख एक नौजवान जंगल की ओर भाग रहा था.
संदेह होने के कारण उसे खदेड़ कर पकड़ा. उसने अपना नाम दुर्गा चरण पातर बताया. उसके दाहिने हाथ में उजले पॉलिथीन में मुड़ा हुआ कागजात था. उसे खोल कर देखा तो उसमें बंगला भाषा में लिखा तिन पत्रिका मिला. फुलपैंट के दाहिने पॉकेट से कार्बन कंपनी का मोबाइल मिला. मोबाइल के नंबरों का अवलोकन से पता चला कि गुड़ाबांदा दस्ता के भुगलू, गुलाझ और अन्य सारे नाम व नंबर अंकित है. दुर्गा चरण पातर के पास से बरामद पत्रिका के बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि भाकपा माओवादी से संबंधित है. दोनों उज्जवल सरकार के द्वारा घाघीडीह जेल से मिला है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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