गुड़ाबांदा : दो विधायकों का क्षेत्र होने के बावजूद नक्सल मुक्त गुड़ाबांदा में सरकारी चिकित्सा व्यवस्था बदहाल है. प्रखंड गठन के नौ साल बाद भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण नहीं हुआ है. यहां का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिंहपुरा के स्वास्थ्य उपकेंद्र भवन में चलता है. यहां सप्ताह में दो दिन डॉ भारती मिंज आती हैं. यानी कि एक ही भवन में उपकेंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चलता है. विडंबना है कि इस प्रखंड में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वीकृति ही नहीं मिली है.
इस प्रखंड की चिकित्सा व्यवस्था एएनएम के भरोसे है. प्रखंड की चार पंचायतें बहरागोड़ा विस में तथा चार पंचायतें घाटशिला विस में पड़ती हैं. यानी कि इस प्रखंड में दो विधायक बहरागोड़ा के कुणाल षाड़ंगी तथा घाटशिला के लक्ष्मण टुडू है. बावजूद यहां की सरकारी चिकित्सा व्यवस्था बदहाल है. कहने को तो अोड़िशा सीमा से सटे बनमाकड़ी में कल्याण विभाग के तहत मेसो अस्पताल है, लेकिन वह अंतिम छोर पर है. स्वास्थ्य विभाग तथा जन प्रतिनिधियों की उदासीनता से प्रखंड में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन नहीं बना है.
चिकित्सा व्यवस्था लचर होने के कारण यहां के मरीज अन्य शहरों या फिर ओढ़िशा में पलायन करते हैं. प्रसव के लिए भी यहां समुचित व्यवस्था नहीं है. इस मसले पर सिविल सर्जन डॉ महेश्वरी प्रसाद ने कहा कि गुड़ाबांदा प्रखंड में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने तथा भवन निर्माण की प्रक्रिया जारी है.
