गालूडीह : सुवर्णरेखा परियोजना के गालूडीह बराज डैम का गेट बंद होने से डैम में करीब 91 मीटर आरएल से अधिक पानी स्टोर है. डैम में 18 गेट हैं, जिसमें सिर्फ दो गेट थोड़े से खुले हैं. गेट बंद रहने से सुवर्णरेखा नदी के पश्चिम दिशा में दूर तक पानी स्टोर हो गया है. नदी […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
गालूडीह : सुवर्णरेखा परियोजना के गालूडीह बराज डैम का गेट बंद होने से डैम में करीब 91 मीटर आरएल से अधिक पानी स्टोर है. डैम में 18 गेट हैं, जिसमें सिर्फ दो गेट थोड़े से खुले हैं. गेट बंद रहने से सुवर्णरेखा नदी के पश्चिम दिशा में दूर तक पानी स्टोर हो गया है. नदी का दोनों किनारा लबालब भरा है. इसके कारण गालूडीह दिगड़ी घाट से खीरकनाली-खूंटाडीह तक नदी से बालू का खनन और उठाव ठप हो गया है. इससे सबसे ज्यादा चंद्ररेखा, देवली, निश्चिंतपुर बालू घाट प्रभावित हुआ है.
बालू घाट पानी डूबा है. इससे खनन और उठाव संभव नहीं है. बालू खनन और उठाव बंद होने से इस क्षेत्र में बालू मिलना मुश्किल हो गया है. इससे सरकारी योजनाएं प्रभावित हो रही हैं. हालांकि नदी के पूर्व दिशा से बालू घाटों के खनन जारी है.
आयुक्त के इंतजार में बंद हैं डैम के गेट
परियोजना पदाधिकारियों का मानना है कि सुवर्णरेखा परियोजना के प्रशासक सह कोल्हान आयुक्त बज्र मोहन राम निरीक्षण में आने वाले हैं. पूर्व में ही उनके आगमन का कार्यक्रम बना था, लेकिन किसी कारण कार्यक्रम रद्द हो गया. तब से बराज डैम के गेट बंद हैं. वे अब कब आयेंगे, इसकी तिथि मुकर्रर नहीं हुई है. बताया जा रहा है कि उनके निरीक्षण के बाद ही अगले आदेश मिलने तक बराज डैम का गेट बंद ही रहेगा.