दुमका. मसलिया प्रखंड में साइबर अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. अब ठग चुने प्रतिनिधियों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है. ताजा मामला गुमरो पंचायत के वार्ड सदस्य दिलीप दे से जुड़ा है, जिनका मोबाइल हैकरों ने हैक कर लिया. इसके बाद उनके मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर परिचितों व ग्रामीणों से रुपये मांगने का खेल शुरू कर दिया गया. साइबर अपराधियों ने वार्ड सदस्य की पूरी कांटेक्ट लिस्ट कब्जे में ले ली. इसके बाद उनके व्हाट्सएप और अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म से लोगों को एक क्यूआर कोड भेजा गया. मैसेज में लिखा था कि अचानक इमरजेंसी में पैसों की जरूरत पड़ गयी है, इसलिए तुरंत 2000 भेज दें, एक घंटे में राशि लौटा दी जायेगी. चूंकि संदेश सीधे वार्ड सदस्य के मोबाइल नंबर से भेजा जा रहा था, इसलिए कई लोगों को शुरुआत में इस पर संदेह नहीं हुआ. कुछ लोग रुपये भेजने की तैयारी में थे, तभी जागरूक ग्रामीणों ने सीधे दिलीप दे को फोन कर जानकारी ली. पता चला कि उनका मोबाइल फोन हैक हो चुका है, उन्होंने किसी से पैसे नहीं मांगे हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार, साइबर अपराधी पीएम किसान योजना से जुड़े फर्जी एपीके ऐप या संदिग्ध लिंक के माध्यम से मोबाइल फोन हैक कर रहे हैं.
वार्ड सदस्य का मोबाइल हैक, संपर्क सूची में भेजा क्यूआर कोड
मैसेज में लिखा था कि अचानक इमरजेंसी में पैसों की जरूरत पड़ गयी है, इसलिए तुरंत 2000 भेज दें, एक घंटे में राशि लौटा दी जायेगी.
