रंगदारी मांगने व धमकी देने के मामले में कोर्ट ने विशाल सिंह को सुनाई ढाई वर्ष की सजा, जुर्माना भी

दुमका की कोर्ट ने रंगदारी मांगने और धमकी देने के मामले में विशाल सिंह को ढाई साल की सजा सुनाई है. 2018 के इस मामले में उसे विभिन्न धाराओं के तहत जेल और जुर्माने की सजा दी गई है.

प्रतिनिधि, दुमका : मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अनूप तिर्की की अदालत ने रंगदारी मांगने और धमकी देने के मामले में दोषी विशाल सिंह को विभिन्न धाराओं में सजा सुनाई है. अदालत ने धारा 385 के तहत एक वर्ष का साधारण कारावास एवं 3 हजार रुपये जुर्माना, धारा 387 के तहत दो वर्ष छह माह का कठोर कारावास एवं 5 हजार रुपये जुर्माना, धारा 504 के तहत एक वर्ष का साधारण कारावास एवं 2 हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 506 के तहत दो वर्ष का कठोर कारावास एवं 3 हजार रुपये जुर्माना लगाया है. सभी सजाएं एक साथ चलेंगी. जुर्माना नहीं देने पर दोषी को अतिरिक्त तीन माह के कठोर कारावास की सजा भुगतनी होगी.

2018 के मामले में हुई कार्रवाई

मामला दुमका टाउन थाना कांड संख्या 192/2018, जी.आर. केस संख्या 842/2018 से संबंधित है. ठेकाबाबा मंदिर के पास, कुम्हारपाड़ा निवासी विशाल सिंह पर सूचक माणिक राम से रंगदारी मांगने और धमकी देने का आरोप था.

50 हजार रुपये रंगदारी मांगने का आरोप

अभियोजन के अनुसार, सूचक माणिक राम ठेकाबाबा कुम्हारपाड़ा में नया मकान बनवा रहे थे. 12 जुलाई 2018 को विशाल सिंह ने निर्माण कार्य रुकवा दिया और वहां काम कर रहे मजदूरों को हटा दिया. आरोप है कि इसके बाद उसने सूचक से 50 हजार रुपये रंगदारी की मांग की. मांग पूरी नहीं करने पर जान से मारने तथा जमीन खाली करने की धमकी भी दी गई. इसके बाद सूचक ने मामले की लिखित शिकायत पुलिस को दी.

चार अगस्त 2018 को दर्ज हुई प्राथमिकी

सूचक के आवेदन के आधार पर 4 अगस्त 2018 को दुमका टाउन थाना में धारा 385, 387, 504 एवं 506 भादवि के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई. अनुसंधान के बाद पुलिस ने विशाल सिंह के विरुद्ध आरोप-पत्र दाखिल किया. अदालत में 18 सितंबर 2019 को आरोप गठित किया गया.

चार गवाहों ने दी गवाही

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से कुल चार गवाहों का परीक्षण कराया गया. इनमें सुशील कुमार राम, सूचक माणिक राम, सुरेश राउत तथा अनुसंधानकर्ता ओम प्रकाश सिंह शामिल थे. अभियोजन की ओर से लिखित आवेदन, प्राथमिकी, आरोप-पत्र एवं गिरफ्तारी ज्ञापन समेत अन्य दस्तावेज प्रदर्शित किए गए.

साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार

अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों एवं गवाहों के बयान के आधार पर विशाल सिंह को दोषी करार देते हुए 19 सितंबर 2026 को उक्त सजा सुनाई. अभियोजन की ओर से सहायक लोक अभियोजक शशि कांत ठाकुर ने पक्ष रखा.

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By Anand Jayswal

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