रानीश्वर: प्रखंड मुख्यालय रानीश्वर और आसनबनी में संचालित प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय इन दिनों डॉक्टर विहीन हो गये हैं. आसनबनी पशु चिकित्सालय में चिकित्सक के साथ कर्मियों की भी कमी है, जिसके कारण अस्पताल में अक्सर ताला लटका रहता है. वहीं रानीश्वर पशु चिकित्सालय में दो कर्मी पदस्थापित हैं, लेकिन पशु चिकित्सा पदाधिकारी का पद रिक्त है.
आसनबनी में डॉक्टर के साथ कर्मियों की भी कमी
जानकारी के अनुसार, आसनबनी पशु चिकित्सालय में लंबे समय से पशु चिकित्सा पदाधिकारी का पद रिक्त है. चिकित्सक और कर्मियों की कमी के कारण पशुपालकों को सरकारी स्तर पर नियमित चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है.
रानीश्वर में दो चिकित्सकों के बाद खाली हुआ पद
रानीश्वर पशु चिकित्सालय में पदस्थापित पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चकिंद्र प्रसाद सिंह का असामयिक निधन हो गया था. वहीं यहां पदस्थापित एक अन्य चिकित्सक डॉ. माइकल सोरेन का हाल ही में पाकुड़ जिले के लिट्टीपाड़ा में स्थानांतरण हो गया. इसके बाद रानीश्वर में भी पशु चिकित्सा पदाधिकारी का पद रिक्त हो गया है.
मोबाइल वैन में भी डॉक्टर नहीं
पशुपालन विभाग की ओर से क्षेत्र में एक मोबाइल वैन का संचालन किया जा रहा है. इसका उद्देश्य पशुपालकों को घर तक पशु चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है. इसके लिए विभाग की ओर से 1962 नंबर की सेवा भी शुरू की गई है. इस नंबर पर संपर्क करने के बाद मोबाइल वैन पशुपालकों के घर तक पहुंचती है, लेकिन चिकित्सकों की कमी के कारण इस व्यवस्था का भी अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है.
निजी चिकित्सकों पर निर्भर पशुपालक
प्रखंड क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग पशुपालन से जुड़े हैं. सरकारी पशु चिकित्सालयों में डॉक्टरों की कमी के कारण पशुपालकों को अपने पशुओं के इलाज के लिए निजी पशु चिकित्सकों पर निर्भर रहना पड़ रहा है. इससे उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है.
जल्द डॉक्टरों की पदस्थापना की मांग
स्थानीय पशुपालकों ने विभागीय अधिकारियों से रानीश्वर और आसनबनी के प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालयों में जल्द से जल्द पशु चिकित्सा पदाधिकारियों की पदस्थापना करने की मांग की है. पशुपालकों का कहना है कि डॉक्टरों की नियुक्ति होने से उन्हें समय पर सरकारी पशु चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी और निजी इलाज पर होने वाला खर्च भी कम होगा.
