दुमका : सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. डॉ. कुनूल कांडिर की अध्यक्षता में बुधवार को विश्वविद्यालय के सभी अधिकारियों एवं नवनियुक्त निदेशकों की बैठक आयोजित की गयी. बैठक में विभिन्न निदेशकों के अधिकार, कार्य एवं दायित्वों पर विस्तार से चर्चा की गयी. कुलपति ने सभी निदेशकों को अपने-अपने दायित्वों एवं कार्यक्षेत्र के अनुरूप सक्रियता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि निदेशकों को सौंपी गयी जिम्मेदारियों का प्रभावी क्रियान्वयन विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा.
समितियों को सक्रिय बनाने पर जोर
बैठक में निदेशकों से संबंधित समितियों की संरचना, उनके दायित्व एवं नियमित बैठक आयोजित करने के विषय पर भी चर्चा हुई. कुलपति ने समितियों को सक्रिय बनाने तथा निर्धारित अंतराल पर बैठक कर संबंधित कार्यों की समीक्षा करने पर जोर दिया. कुलपति के अलावा कुलसचिव डॉ. अब्दुस सत्तार एवं कुलानुशासक डॉ. राजीव कुमार ने भी अधिकारियों एवं निदेशकों के कार्यों और जिम्मेदारियों से संबंधित बिंदुओं पर जानकारी दी.
निदेशकों ने रखीं समस्याएं, दिए गये दिशा-निर्देश
बैठक के दौरान विभिन्न निदेशकों ने अपने-अपने विभागों से संबंधित समस्याओं एवं प्रश्नों को रखा. संबंधित मामलों पर चर्चा करते हुए उनके निराकरण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये.
अलग-अलग निदेशकों को मिली जिम्मेदारी
निदेशक, अनुसंधान, नवाचार एवं उद्यमिता डॉ. अच्युत चेतन को अनुसंधान, नवाचार एवं उद्यमिता से संबंधित गतिविधियों को बढ़ावा देने, अनुसंधान व्याख्यानमाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने तथा अनुसंधान से जुड़ी आधारभूत संरचना की निगरानी करने को कहा गया. वहीं निदेशक, खेलकूद एवं शारीरिक शिक्षा डॉ. शम्स तबरेज खान को विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों में खेलकूद की संस्कृति को बढ़ावा देने तथा खेल गतिविधियों को प्रभावी रूप से संचालित करने का निर्देश दिया गया.
निदेशक, आजीवन शिक्षा डॉ. विनय सिन्हा को आजीवन अधिगम, मूलभूत शिक्षा तथा वयस्कों एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए शिक्षा की व्यवस्था से संबंधित कार्यों को आगे बढ़ाने, जबकि निदेशक, एनएसएस को विश्वविद्यालय में एनएसएस से संबंधित गतिविधियों की निगरानी एवं प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने को कहा गया.
वहीं निदेशक, जनसंपर्क को वेबसाइट पर अद्यतन सामग्री सुनिश्चित करने तथा विभिन्न समुदायों के बीच विश्वविद्यालय की पहुंच बढ़ाने की दिशा में कार्य करने का दायित्व सौंपा गया. इसके अलावा निदेशक, कला एवं संस्कृति, निदेशक, समावेशी शिक्षा तथा निदेशक, अंगीभूत एवं संबंधित महाविद्यालयों के कार्यों एवं दायित्वों पर भी विस्तार से चर्चा की गयी.
कुलपति ने सभी निदेशकों से अपने दायित्वों का जिम्मेदारीपूर्वक एवं समन्वय के साथ निर्वहन करने पर जोर दिया, ताकि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, प्रशासनिक, सांस्कृतिक एवं अन्य गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके.
