रानीश्वर. रानीश्वर प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित उच्च विद्यालय बोराडंगाल में दस साल से अधिक समय से हाईस्कूल के लिए बना दो मंजिला नया भवन शिक्षा विभाग की लापरवाही के कारण अब तक हैंडओवर नहीं किया गया है. इससे विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों को भी परेशानी हो रही है. विद्यालय में पहली से दसवीं तक की कक्षाएं संचालित होती हैं. वहीं यूपीएस मसानपाड़ा का भवन जर्जर घोषित होने के बाद करीब दो माह पहले वहां के विद्यार्थियों को भी बोराडंगाल हाईस्कूल में शिफ्ट किया गया है.
2013 में हुआ था हाईस्कूल में उत्क्रमण
वर्ष 2013 में बोराडंगाल मिडिल स्कूल को हाईस्कूल में उत्क्रमित किया गया था. इसके बाद नवम और दशम कक्षा की पढ़ाई शुरू हुई. मिडिल सेक्शन में नौ कमरे उपलब्ध हैं. इनमें पहली से पांचवीं तक के बच्चों को एक ही कमरे में बैठाया जाता है, जबकि छठी से दसवीं तक के बच्चों के लिए अलग-अलग कमरे हैं. एक कमरे में आईसीटी लैब और एक कमरे में कार्यालय संचालित है.
342 विद्यार्थियों पर सिर्फ आठ शिक्षक
विद्यालय में पहली से आठवीं तक 175 विद्यार्थी नामांकित हैं. नवम में 80 और दशम में 87 विद्यार्थी हैं. इस तरह कुल 342 विद्यार्थी नामांकित हैं. मिडिल सेक्शन में चार शिक्षक पदस्थापित हैं, जबकि हाईस्कूल में भी मात्र चार शिक्षक हैं. इनमें बांग्ला, हिंदी, भूगोल तथा इतिहास एवं नागरिक शास्त्र के शिक्षक हैं. विज्ञान, गणित और अंग्रेजी सहित अन्य विषयों के शिक्षकों के पद रिक्त हैं.
स्मार्ट क्लास भी, लेकिन कमरे की कमी
विद्यालय में आठवीं, नवमी और दसवीं कक्षा के लिए स्मार्ट क्लास भी संचालित किया जाता है. कमरों और शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों और शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. मसानपाड़ा स्कूल के विद्यार्थियों के आने के बाद कमरे की समस्या और बढ़ गई है.
हैंडओवर हो भवन तो मिले राहत
हाईस्कूल के लिए बनाए गए दो मंजिला भवन को पूरा कर हैंडओवर किए जाने से विद्यार्थियों और शिक्षकों को राहत मिल सकती है. भवन में बिजली, पानी, लाइट, पंखे आदि की व्यवस्था करने के साथ शौचालयों को दुरुस्त कर हैंडओवर किए जाने की जरूरत है. मिडिल सेक्शन में पर्याप्त कमरे नहीं रहने से भी परेशानी बनी हुई है.
