आदिवासी छात्रावास की बदलेगी तस्वीर, उपायुक्त ने दिए सुधार के निर्देश

दुमका उपायुक्त ने आदिवासी बालक छात्रावास का निरीक्षण कर छात्रों की समस्याओं को सुना. सीपेज, बिजली, पानी और साफ-सफाई की तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए.

दुमका : छात्रों द्वारा की गयी मांग और समस्याओं को लेकर कराये गये ध्यानाकर्षण पर उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने संवेदनशीलता दिखाते हुए गुरुवार को सीएम स्कूल ऑफ एक्सिलेंस जिला स्कूल अवस्थित आदिवासी कल्याण बालक छात्रावास का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने छात्रावास में रह रहे छात्रों से मुलाकात कर उनकी पढ़ाई, शैक्षणिक गतिविधियों और छात्रावास में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली. छात्रों से बातचीत के दौरान उन्होंने उनकी समस्याओं को भी जाना और संबंधित पदाधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिये.

जरूरत वाले स्थानों पर शीघ्र मरम्मत का निर्देश

निरीक्षण के दौरान छात्रावास भवन के कई हिस्सों में सीपेज की समस्या सामने आयी. इस पर उपायुक्त ने भवन प्रमंडल के संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र कराने का निर्देश दिया. उन्होंने पूरे छात्रावास की विद्युत वायरिंग की जांच कराने के साथ खराब लाइट और विद्युत बोर्ड को दुरुस्त करने तथा जहां आवश्यकता हो, वहां मरम्मत कार्य जल्द पूरा करने को कहा.

छात्रावास के कमरे में जाकर बातचीत करते उपायुक्त.

बालक छात्रावास को जिला स्कूल को हैंडओवर करने का निर्देश

उपायुक्त ने जिला कल्याण पदाधिकारी को निर्देश दिया कि आदिवासी कल्याण बालक छात्रावास को 2 जिला स्कूल के प्रधानाचार्य को हैंडओवर किया जाये. इसके बाद छात्रावास की नियमित देखरेख और प्रबंधन की जिम्मेदारी विद्यालय स्तर से सुनिश्चित की जायेगी. उन्होंने कहा कि छात्रावास में रहने वाले बच्चों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए नियमित निगरानी जरूरी है.

शौचालय में पानी की समस्या दूर होगी

निरीक्षण के दौरान छात्रों ने शौचालय में पानी की समस्या और साफ-सफाई से संबंधित शिकायत उपायुक्त के समक्ष रखी. इस पर उन्होंने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को छात्रावास परिसर में स्थापित पानी की टंकी की सफाई कराने का निर्देश दिया. साथ ही पूरे परिसर में घास की कटिंग और समुचित साफ-सफाई सुनिश्चित करने को कहा. छात्रों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के लिए छात्रावास परिसर में दो अतिरिक्त पानी की टंकियां लगाने का निर्देश भी दिया गया. उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को बुनियादी सुविधाओं के लिए किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए.

सभी कल्याण छात्रावासों में एसएचजी संभालेंगे व्यवस्था

उपायुक्त ने जिला कल्याण पदाधिकारी को एक सप्ताह के भीतर कल्याण विभाग के तहत जिले में संचालित सभी छात्रावासों के संचालन के लिए स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) का चयन करने का निर्देश दिया. चयनित एसएचजी के माध्यम से छात्रावासों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने को कुक की व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी. इसके साथ ही प्रत्येक छात्रावास में एक संचालन समिति का गठन किया जायेगा. समिति छात्रावास में उत्पन्न होने वाली छोटी-मोटी समस्याओं का स्थानीय स्तर पर नियमित रूप से समाधान सुनिश्चित करेगी. इससे छात्रावासों के संचालन में जवाबदेही और निगरानी व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है.

दो दिनों में इनडोर गेम्स की होगी व्यवस्था

उपायुक्त ने छात्रों के मनोरंजन और मानसिक विकास को ध्यान में रखते हुए दो दिनों के भीतर छात्रावास में लूडो, कैरम समेत आवश्यक इनडोर गेम्स की व्यवस्था करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारी को दिया. उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ बच्चों के मनोरंजन और मानसिक विकास के लिए खेलकूद की सुविधाएं भी जरूरी हैं.

छात्रों को बेहतर शैक्षणिक व आवासीय माहौल देना प्राथमिकता

उपायुक्त ने डीइओ-डीडब्ल्यूओ सहित तमाम अधिकारियों को निर्देश दिया कि सबसे पहले आदिवासी कल्याण बालक छात्रावास की आवश्यक मरम्मत और मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जाये. सभी कार्य शीघ्र पूरा कर छात्रावास को व्यवस्थित स्वरूप दिया जाये, ताकि इसे एक मॉडल हॉस्टल के रूप में विकसित किया जा सके. यहां रहने वाले छात्रों को बेहतर शैक्षणिक एवं आवासीय वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है.


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By Anand Jayswal

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