प्रतिनिधि, दलाही मसलिया प्रखंड सभागार में शुक्रवार को कृषि विभाग से प्रखंडस्तरीय खरीफ कार्यशाला का आयोजन किया गया. इसका उद्देश्य खरीफ सीजन में फसलों की पैदावार बढ़ाना तथा किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से अवगत कराना था. इसमें बड़ी संख्या में किसान, कृषक मित्र और ग्रामीण शामिल हुए. कार्यशाला में प्रखंड तकनीकी प्रबंधक श्यामसुंदर सिंह ने किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन देने वाले धान व अन्य खरीफ फसलों के प्रमाणित बीजों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि समय पर बुआई, मिट्टी की जांच और जैविक खादों के उपयोग से उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है. किसानों को वैज्ञानिक खेती अपनाने की सलाह दी गयी. इस दौरान मुख्यमंत्री सुखाड़ राहत योजना, कृषि यंत्रों पर मिलने वाले अनुदान तथा विभिन्न कृषि योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई. किसानों को फसलों को कीट एवं रोगों से बचाने के लिए कम लागत वाले घरेलू और वैज्ञानिक उपायों से भी अवगत कराया गया. कार्यशाला में किसान क्रेडिट कार्ड, बिरसा फसल विस्तार योजना, पीएम कुसुम योजना तथा प्रक्षेत्र भ्रमण कार्यक्रम के बारे में विस्तार से बताया गया. अधिकारियों ने किसानों से सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाकर खेती को लाभकारी बनाने का आह्वान किया. मौके पर लाइवलीहुड के धीरेन्द्र कुमार, सहायक प्रबंधक मिथिलेश कुसुम, उद्यान मित्र बैद्यनाथ मिस्त्री, जनप्रतिनिधि, कृषक मित्र, प्रगतिशील किसान एवं ग्रामीण उपस्थित थे.
किसानों को मिले आधुनिक तकनीक से खेती करने के टिप्स
मसलिया प्रखंड सभागार में शुक्रवार को कृषि विभाग से प्रखंडस्तरीय खरीफ कार्यशाला का आयोजन किया गया.
