संवाददाता, दुमका. जिला स्कूल, दुमका परिसर स्थित सरकारी आदिवासी छात्रावास में व्याप्त अव्यवस्था और कुप्रबंधन को लेकर छात्र संगठनों ने आंदोलन का ऐलान किया है. छात्रावास की बदहाल व्यवस्था और प्रशासनिक उपेक्षा के विरोध में छात्र 9 सितंबर को उपायुक्त कार्यालय का घेराव करेंगे. आंदोलन को सीजेपी ने भी समर्थन देने की घोषणा की है.
कई बार शिकायत के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था
छात्र संगठनों का कहना है कि छात्रावास की समस्याओं को लेकर जिला प्रशासन को कई बार लिखित और मौखिक रूप से जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन अब तक बुनियादी सुविधाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है. संगठनों के अनुसार, स्वयं उपायुक्त की ओर से छात्रावास को मॉडल हॉस्टल के रूप में विकसित करने की बात कही गई थी, लेकिन वर्तमान स्थिति इससे बिल्कुल अलग है.
पेयजल से लेकर भोजन और बिजली तक की समस्या
छात्रावास में स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त शौचालय, भोजन, बिजली और नियमित साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी का आरोप लगाया गया है. छात्र संगठनों का कहना है कि अव्यवस्था का सीधा असर विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और पढ़ाई पर पड़ रहा है. छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
सैकड़ों कार्यकर्ता छात्रों के साथ होंगे शामिल
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 9 सितंबर को होने वाले विरोध प्रदर्शन में सीजेपी के केंद्रीय सदस्य सह ईस्ट जोन प्रभारी अंकित भारद्वाज, असलम, प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष रंजन सहित संगठन के कई केंद्रीय नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता छात्रों के साथ आंदोलन में शामिल होंगे.
व्यवस्था दुरुस्त कर सम्मानजनक माहौल देने की मांग
संगठन ने जिला प्रशासन से छात्रावास की व्यवस्था तत्काल दुरुस्त करने और विद्यार्थियों को बेहतर एवं सम्मानजनक शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने की मांग की है. साथ ही आम लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से छात्र हित में आयोजित इस आंदोलन को समर्थन देने की अपील की गई है.
