संताली के लिए देवनागरी लिपि का उपयोग यथावत रखा जाये

संगठन के अध्यक्ष श्री मुर्मू ने कहा कि संताली प्राचीन भाषाओं में से एक है, उसका अपना मानक और स्टैंडर्ड रूप है. कुछ लोग सुनियोजित तरीके से भाषा के मानक रूप को बर्बाद करने तथा आदिवासियों को आपस में लड़ाने के उद्देश्य से किसी विशेष लिपि के आड़ में अपनी राजनीतिक रोटियां सेंक रहे हैं.

स्टूडेंट यूनियन ने विधायक को सौंपा सीएम के नाम ज्ञापन, कहा संवाददाता, दुमका संताल परगना स्टूडेंट यूनियन सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय का प्रतिनिधिमंडल ने देर शाम जामा विधायक सह पूर्वमंत्री डॉ लुईस मरांडी से मुलाकात की.मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा. इसमें मांग की गयी कि संताली भाषा के लिए देवनागरी लिपि का उपयोग ही यथावत जारी रखा जाये. नेतृत्व संगठन अध्यक्ष विमल मुर्मू कर रहे थे. मुलाकात के बाद संगठन के अध्यक्ष श्री मुर्मू ने कहा कि संताली प्राचीन भाषाओं में से एक है, उसका अपना मानक और स्टैंडर्ड रूप है. कुछ लोग सुनियोजित तरीके से भाषा के मानक रूप को बर्बाद करने तथा आदिवासियों को आपस में लड़ाने के उद्देश्य से किसी विशेष लिपि के आड़ में अपनी राजनीतिक रोटियां सेंक रहे हैं. ओड़िशा के लोग यहां के लोगों को गुमराह करने की भरपूर कोशिश कर रहे हैं. हमलोग अपनी भाषा की शुद्धता और अस्मिता पर किसी की भी प्रकार की आंच नहीं आने देंगे. मौके पर पूर्व अध्यक्ष विनोद हांसदा, दिलिप टुडू, आनंद हेंब्रम, कुलदीप सोरेन, राजेश पावरिया, सचिन कुमार सोरेन, अंथोनी हांसदा, सुरेश बेसरा, संतोष हेंब्रम आदि उपस्थित थे.

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