स्नातक सीटों में भारी कटौती के विरोध में संताल परगना के प्रमुख शिक्षण संस्थान एसपी कॉलेज, दुमका में गुरुवार से छात्र समन्वय समिति के नेतृत्व में अनिश्चितकालीन तालाबंदी शुरू हो गई. आंदोलनकारी छात्रों ने कॉलेज के मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला जड़कर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सीट कटौती का निर्णय तत्काल वापस लेने की मांग की. छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिनों के भीतर उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो 10 अगस्त से सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय (एसकेएमयू) मुख्यालय में भी अनिश्चितकालीन तालाबंदी और व्यापक छात्र आंदोलन शुरू किया जाएगा.
आदिवासी छात्र होंगे प्रभावित
छात्र नेताओं का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने एसपी कॉलेज की स्नातक सीटों की संख्या 5,570 से घटाकर 2,820 कर दी है. उनका कहना है कि यह फैसला छात्र हितों के खिलाफ है और इससे हजारों विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ेगा. समिति के अनुसार, सरकारी कॉलेजों में नामांकन की उम्मीद रखने वाले गरीब, आदिवासी, ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र सबसे अधिक प्रभावित होंगे. सीटों में कटौती के कारण बड़ी संख्या में योग्य छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित हो सकते हैं.
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छात्रों ने रखीं कई मांगें
आंदोलन के दौरान छात्र समन्वय समिति ने विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष कई मांगें रखीं. इनमें प्रमुख रूप से —
- स्नातक सीटों में की गई कटौती तत्काल वापस ली जाए.
- सभी योग्य छात्र-छात्राओं का नामांकन सुनिश्चित किया जाए.
- एसपी कॉलेज में एलएलबी पाठ्यक्रम दोबारा शुरू किया जाए.
- भूगोल सहित अन्य आवश्यक विषयों की पढ़ाई शुरू की जाए.
- बीएड कॉलेजों से जुड़ी लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए.
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'यह छात्रों के भविष्य की लड़ाई'
छात्र नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक संगठन का नहीं, बल्कि संताल परगना के छात्रों के शिक्षा के अधिकार और भविष्य की रक्षा का आंदोलन है. उन्होंने कहा कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन समय रहते निर्णय नहीं लेता, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा और एसकेएमयू मुख्यालय में भी अनिश्चितकालीन तालाबंदी की जाएगी. आंदोलन में डॉ. श्यामदेव हेंब्रम, राजीव बास्की, राजेंद्र मुर्मू, रामकृष्ण टुडू, रितेश मुर्मू, संजय किस्कू, मार्था सोरेन, मीना सोरेन, अनामिका हांसदा, सुबास्टेन मुर्मू समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे.
