एसकेएमयू. यूजी छात्रों के लिए प्रोजेक्ट वर्क व इंटर्नशिप की विस्तृत गाइडलाइन जारी

एनईपी के तहत नामांकित सभी यूजी छात्रों को अब नियमानुसार प्रोजेक्ट वर्क या इंटर्नशिप करना अनिवार्य होगा. अब यूजी की डिग्री किसी भी छात्र को बिना प्रोजेक्ट वर्क/इंटर्नशिप पूरा किये प्रदान नहीं किया जायेगा.

दुमका. सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय ने नयी शिक्षा नीति के तहत नामांकित सभी स्नातक छात्रों के लिए प्रोजेक्ट वर्क व इंटर्नशिप के लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दी है. गाइडलाइन को पिछले दिनों अकादमिक परिषद की बैठक में मंजूरी दी गयी थी, जिसके बाद कुलपति प्रो कुनुल कांदीर के आदेश पर रजिस्ट्रार डॉ राजीव रंजन शर्मा ने अधिसूचना जारी कर दी. विश्वविद्यालय के एनईपी को-ऑर्डिनेटर दीपक कुमार ने बताया कि एनईपी के तहत नामांकित सभी यूजी छात्रों को अब नियमानुसार प्रोजेक्ट वर्क या इंटर्नशिप करना अनिवार्य होगा. उन्होंने बताया कि अब यूजी की डिग्री किसी भी छात्र को बिना प्रोजेक्ट वर्क/इंटर्नशिप पूरा किये प्रदान नहीं किया जायेगा. उन्होंने बताया कि यूजी सत्र 2022–26 के छात्रों को प्रोजेक्ट वर्क/इंटर्नशिप पांचवें सेमेस्टर में करना होगा, जबकि अन्य सभी सत्रों के छात्र इसे पहले से लेकर छठे सेमेस्टर तक किसी भी समय पूरा कर सकेंगे. गाइडलाइन सभी मौजूदा और आगामी सभी यूजी बैचों पर लागू होगी. जारी गाइडलाइन के अनुसार संबंधित कॉलेज के प्राचार्य छात्रों को दो विकल्प प्रदान करेंगे— इंटर्नशिप या प्रोजेक्ट वर्क. यदि छात्र इंटर्नशिप चुनते हैं, तो कॉलेज प्रशासन उनके लिए संस्था का चयन कर व्यवस्था सुनिश्चित करेगा. वहीं प्रोजेक्ट वर्क चुनने वाले छात्रों को उनके मेजर/ऑनर्स विषय के आधार पर आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक या किसी अन्य सारगर्भित विषय पर प्रोजेक्ट शीर्षक विभागाध्यक्ष या संबंधित विषय शिक्षक द्वारा दिया किया जाएगा. प्रोजेक्ट वर्क अथवा इंटर्नशिप—दोनों ही विकल्पों में विद्यार्थियों को निर्धारित प्रारूप के अनुरूप एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करनी होगी. इस रिपोर्ट का मूल्यांकन कॉलेज स्तर पर सेमेस्टर परीक्षा सम्पन्न होने के उपरांत बाहरी तथा आंतरिक विषय विशेषज्ञों की उपस्थिति में किया जाएगा. विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट हस्तलिखित होगी और 40 से 50 पृष्ठों के बीच तैयार करनी अनिवार्य है. साथ ही, प्रत्येक छात्र को कॉलेज की ओर से एक शिक्षक-गाइड आवंटित किया जाएगा, जिसके निर्देशन में छात्र अपना कार्य पूरा करेंगे और अंतिम रिपोर्ट तैयार करेंगे. गाइडलाइन के मुताबिक प्रोजेक्ट वर्क/इंटर्नशिप की अवधि न्यूनतम 8 सप्ताह या 120 घंटे होगी. विश्वविद्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि छात्र यदि चाहें तो किसी संस्था में स्वतंत्र रूप से भी इंटर्नशिप कर सकते हैं, परंतु इसके लिए उन्हें पहले अपने कॉलेज प्राचार्य से अनुमति प्राप्त करनी होगी. गाइडलाइन में प्रत्येक कॉलेज में इंटर्नशिप/प्रोजेक्ट वर्क सेल गठन करने और इसके संचालन हेतु एक को-ऑर्डिनेटर नियुक्त करने का प्रावधान भी शामिल है, ताकि संपूर्ण प्रक्रिया सुव्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से संचालित हो सके.

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Published by: Binay kumar

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