युवा शोधकर्ता शुभम कुमार की बड़ी उपलब्धि, अंतर्राष्ट्रीय नैनो सम्मेलन में बने सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुतकर्ता

Dumka News: युवा शोधकर्ता शुभम कुमार ने जापान के सेंडाई में आयोजित अंतरराष्ट्रीय नैनो पदार्थ एवं नैनो उपकरण सम्मेलन में सर्वश्रेष्ठ मौखिक प्रस्तुति का पुरस्कार जीता. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

दुमका से आनंद जायसवाल की रिपोर्ट 

Dumka News: भारत के युवा शोधकर्ता शुभम कुमार ने प्रतिष्ठित पांचवें अंतर्राष्ट्रीय उन्नत नैनो पदार्थ एवं नैनो उपकरण सम्मेलन (सेंडाई, जापान) में सर्वश्रेष्ठ मौखिक प्रस्तुति का पुरस्कार जीतकर देश का नाम रोशन किया है. यह सम्मेलन Tohoku University के कताहिरा परिसर में 17 अप्रैल से 20 अप्रैल 2026 तक आयोजित किया गया था. झारखंड के दुमका शहर के आजाद नगर निवासी सुबोध कुमार मंडल और उनका परिवार बेटे शुभम की इस सफलता से गदगद है. 

दुनिया भर के वैज्ञानिकों के बीच चमके शुभम 

इस सम्मेलन में दुनिया भर के वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों और उद्योग विशेषज्ञों ने भाग लिया और नैनो पदार्थ तथा नैनो उपकरण के क्षेत्र में नवीनतम शोध पर विचार-विमर्श किया. शुभम की प्रस्तुति को उनके उच्च वैज्ञानिक स्तर, स्पष्टता और व्यावहारिक उपयोगिता के कारण विशेष सराहना मिली. 

शुभम के शोध का फोकस  

शुभम का शोध उच्च गुणवत्ता, कम लागत और बड़े पैमाने पर तैयार किए जा सकने वाले कार्बन आधारित नैनो पदार्थ, विशेष रूप से ग्राफीन के संश्लेषण पर केंद्रित है, साथ ही वे ग्राफीन आधारित द्वि-आयामी पदार्थों के ऊर्जा भंडारण गुणों का अध्ययन कर रहे हैं, जो भविष्य की ऊर्जा तकनीकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं. 

शिक्षा और करियर की प्रेरणादायक यात्रा 

शुभम कुमार ने अपनी स्कूली शिक्षा एस एस विद्या विहार विद्यालय, दुमका से पूरी की. इसके बाद उन्होंने बिरसा  इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी सिंदरी से अभियंत्रण स्नातक और इंडियन  इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मद्रास से रासायनिक अभियंत्रण में परास्नातक किया. वर्तमान में वे भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर में शोधार्थी के रूप में कार्यरत हैं. शुभम वर्तमान में किन्शुक दासगुप्ता के मार्गदर्शन में शोध उपाधि (पीएचडी) कर रहे हैं, जिन्हें शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है. उनका लक्ष्य उच्च ऊर्जा और पावर घनत्व वाले कम लागत के ऊर्जा भंडारण उपकरण विकसित करना है. 

परिवार और शिक्षकों को दिया श्रेय 

अपनी इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए शुभम ने अपने अभिभावकों, शिक्षकों और विशेष रूप से अपनी दादी को उनके निरंतर सहयोग और प्रेरणा के लिए धन्यवाद दिया. उनकी यह सफलता न केवल उनकी व्यक्तिगत मेहनत का परिणाम है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि भारतीय वैज्ञानिक वैश्विक स्तर पर नैनो प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में मजबूत पहचान बना रहे हैं. 

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By Sweta Vaidya

श्वेता वैद्य प्रभात खबर में लाइफस्टाइल बीट के लिए कंटेंट लिखती हैं. वह पिछले एक साल से व्यंजन (Recipes), फैशन, ब्यूटी टिप्स, होम डेकोर, किचन टिप्स और लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन्स जैसे विषयों पर लेख लिख रही हैं. उनका उद्देश्य पाठकों को रोजमर्रा की जिंदगी को आसान और स्टाइलिश बनाने के लिए प्रैक्टिकल टिप्स देना है.

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