बासुकिनाथ : श्रावणी मेला महोत्सव के 28वें दिन बुधवार को बाबा फौजदारीनाथ के दरबार में कांवरियों की भारी भीड़ उमड़ी. रात दो बजे से ही मंदिर प्रांगण, शिवगंगा घाट और मेला क्षेत्र कांवरियों से पटा रहा. सरकारी पूजा के बाद गर्भगृह का पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया. मंदिर न्यास पर्षद के अनुसार, 78,986 कांवरियों ने अरघा में जल डालकर बाबा फौजदारीनाथ का जलाभिषेक किया. इस दौरान पूरा मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजता रहा.
रिमझिम बारिश में गूंजा हर-हर महादेव
रिमझिम बारिश के बीच शिवभक्त नाचते-गाते और हर-हर महादेव का जयघोष करते हुए बाबा के दरबार तक पहुंचे. कांवरियों की कतार संस्कार मंडप, फलाहारी धर्मशाला, शिवगंगा घाट और कुशवाहा धर्मशाला तक रही. अधिकारियों ने श्रद्धालुओं की कतार को नियंत्रित करते हुए सुचारू रूप से जलार्पण कराया. विश्राम पूजन के बाद मंदिर के कपाट पुनः खोले गए और श्रद्धालुओं ने रात्रिकालीन श्रृंगार पूजा तक जलार्पण किया.
15,463 श्रद्धालुओं ने किया इंटरनेट जलार्पण
मंदिर संकीर्तनशाला के समीप स्थित जलार्पण काउंटर पर 15,463 श्रद्धालुओं ने जलार्पण किया. पाइप के माध्यम से जल सीधे गर्भगृह में शिवलिंग पर अर्पित होता है. श्रद्धालु इसे इंटरनेट जलार्पण कहते हैं. काउंटर पर लगे आठ एलईडी टीवी के माध्यम से गर्भगृह में जलार्पण का लाइव दर्शन भी कराया गया. यह सुविधा लंबी कतार में नहीं लगना चाहने वाले कांवरियों के लिए उपलब्ध है.
मंदिर को मिली 11.60 लाख रुपये की आमदनी
मंदिर न्यास पर्षद को बुधवार को विभिन्न स्रोतों से कुल 11 लाख 60 हजार 412 रुपये की आमदनी हुई. मंदिर परिसर की विभिन्न दानपेटियों से 2,03,270 रुपये, गर्भगृह के गोलक से 29,520 रुपये नकद और अन्य स्रोतों से 2,622 रुपये प्राप्त हुए. दानपेटी और गोलक से मिली राशि की गिनती मंदिर प्रशासनिक भवन में सीसीटीवी और अधिकारियों की निगरानी में की गई.
शीघ्रदर्शनम से 9.25 लाख की आय
शीघ्रदर्शनम व्यवस्था के तहत बुधवार को 2,622 श्रद्धालुओं ने बाबा फौजदारीनाथ का सुलभ जलार्पण किया. इससे मंदिर न्यास पर्षद को 9 लाख 25 हजार रुपये की आमदनी हुई. इस व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को मंदिर कार्यालय से 500 रुपये का कूपन लेना पड़ता है. इसके बाद सिंह द्वार से प्रवेश और विशेष द्वार से गर्भगृह में जलार्पण की सुविधा मिलती है.
कंट्रोल रूम से मेला क्षेत्र पर रखी गई नजर
मंदिर और मेला क्षेत्र में सीसीटीवी के माध्यम से लगातार निगरानी की गई. मंदिर प्रशासनिक भवन स्थित कंट्रोल रूम से मेला क्षेत्र और मंदिर की गतिविधियों पर नजर रखी गई. एसडीपीओ नवल किशोर सिंह, बीडीओ कुंदन भगत, डीएसपी श्यामानंद मंडल और वरीय अधिकारी आशुतोष ओझा ने कंट्रोल रूम से व्यवस्था की निगरानी की. एसडीपीओ की देखरेख में श्रद्धालुओं को सुचारू रूप से जलार्पण कराया गया.
शिवोपासना का सावन में विशेष महत्व
पंडित सुधाकर झा ने बताया कि ॐ नमः शिवाय और महामृत्युंजय मंत्र के जाप से भय, रोग और विभिन्न कष्टों से मुक्ति मिलने की मान्यता है. सावन मास में शिवोपासना, पार्थिव पूजा और मानस पूजा का विशेष महत्व बताया गया है. मंदिर प्रांगण में विश्व शांति के लिए रुद्राभिषेक सहित विभिन्न अनुष्ठान भी कराए जाते हैं.
